शनिवार, 7 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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पैराग्वे: यूएनो बैंक घोटाले में महाभियोग के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पद से हटाए गए

पैराग्वे में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग की प्रक्रिया के जरिए पद से हटा दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की सीनेट में हुए मतदान के…

पैराग्वे: यूएनो बैंक घोटाले में महाभियोग के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पद से हटाए गए
(फोटो: IANS)

पैराग्वे में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग की प्रक्रिया के जरिए पद से हटा दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की सीनेट में हुए मतदान के दौरान मौजूद सभी 44 सीनेटरों ने सर्वसम्मति से उन्हें हटाने के पक्ष में वोट दिया। यह कार्रवाई यूएनो बैंक घोटाले से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद की गई है।

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महाभियोग की कार्यवाही पूरी होने के तुरंत बाद, अभियोजकों की एक टीम ने अपदस्थ राष्ट्रपति को हिरासत में लेने का आदेश जारी कर दिया। स्थानीय समाचार पत्र 'एबीसी कलर' के अनुसार, चार अभियोजकों की टीम द्वारा जारी इस आदेश को लागू करने के लिए राष्ट्रीय पुलिस को भेज दिया गया है। पेना पर विश्वासघात और बैंक के डूबने से जुड़े अन्य अपराधों के आरोप हैं।

क्या हैं यूएनो बैंक घोटाले के आरोप?

यह पूरा संकट 'यूएनो बैंक' नामक एक निजी बैंक के डूबने से जुड़ा है। समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि राष्ट्रपति पेना पर हितों के टकराव, नियमों में हेरफेर करने और पेंशन फंड का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप थे। बैंक के डूबने के कारण लगभग 30 लाख ग्राहक अपने खातों से पैसे नहीं निकाल पा रहे थे, जिससे देश में बड़ा संकट खड़ा हो गया था।

महाभियोग से पहले की कोशिशें

संकट गहराने पर पेना ने गुरुवार को अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे महाभियोग से बचने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा था। हालांकि, सीनेट ने 24-20 के मत से उनके इस्तीफे को खारिज कर दिया। इसके बाद, चैंबर ऑफ डेप्युटीज (निचले सदन) ने उनके खिलाफ महाभियोग के आरोपों को मंजूरी दे दी, जिससे सीनेट में सुनवाई का रास्ता साफ हो गया।

पेना ने यह तर्क देते हुए अपने बचाव के लिए और समय मांगा था कि उन्हें आरोपों की जानकारी गुरुवार देर रात ही मिली। सीनेट ने पहले कहा कि वह बचाव के लिए उपस्थित नहीं हुए, लेकिन बाद में उनके वकील कांग्रेस पहुंचे। सबूतों की समीक्षा के बाद सीनेट ने उन्हें पद से हटाने का फैसला सुनाया। इस निर्णय के साथ ही पेना सीनेट में आजीवन सीट और संसदीय छूट जैसे विशेषाधिकार भी खो देंगे, जो दोषी न ठहराए जाने की स्थिति में पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलते हैं।

इनपुट: IANS

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