सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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लाहौर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना, वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 के पार

पाकिस्तान का शहर लाहौर सोमवार को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 9 से 10 बजे के बीच शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 530 के खतरनाक स्तर पर पहुंच…

लाहौर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना, वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 के पार
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान का शहर लाहौर सोमवार को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 9 से 10 बजे के बीच शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 530 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जो वैश्विक रैंकिंग में सबसे ऊपर था। हवा में मौजूद बारीक कणों (पीएम2.5) की मात्रा भी 343 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज की गई।

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लाहौर के बाद दूसरे स्थान पर मिस्र का काहिरा शहर रहा, जिसका AQI 226 था, जो लाहौर के सूचकांक के आधे से भी कम है। यह गंभीर स्थिति पंजाब प्रांत में पराली जलाने की घटनाओं में हो रही तेज वृद्धि के बीच देखी जा रही है, जिससे वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही है।

पाकिस्तान में प्रदूषण का गहराता संकट

लाहौर अकेला शहर नहीं है जो इस समस्या से जूझ रहा है। डॉन अखबार के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कई अन्य शहर भी देश के सबसे प्रदूषित शहरी केंद्रों में शामिल हैं। आईक्यूएयर की रैंकिंग के मुताबिक, लाहौर (530) के बाद गुजरांवाला (475), फैसलाबाद (435), मुल्तान (280), और सियालकोट (241) का स्थान रहा। बहावलपुर 180 AQI के साथ सातवें स्थान पर था।

स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर असर

पाकिस्तान वायु गुणवत्ता पहल (PAQI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण देश में जीवन प्रत्याशा को औसतन 3.9 वर्ष कम कर देता है और हर साल लगभग 1,28,000 असामयिक मौतों का कारण बनता है। यह प्रदूषण पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर 6.5 प्रतिशत का आर्थिक बोझ भी डालता है।

'अनवेलिंग पाकिस्तान एयर पॉल्यूशन' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि लाहौर में प्रदूषित हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने से जीवन प्रत्याशा सात साल तक कम हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में पीएम2.5 का वार्षिक औसत स्तर 110 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के दिशानिर्देश से 22 गुना ज्यादा है।

प्रदूषण के मुख्य स्रोत

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि लाहौर में पीएम2.5 उत्सर्जन का सबसे बड़ा स्रोत परिवहन क्षेत्र है। इसके बाद उद्योगों का योगदान 28 प्रतिशत और ईंट भट्टों का 17 प्रतिशत है। ये सभी स्रोत मिलकर शहर के प्रदूषण को बढ़ाते हैं, जो सर्दियों के मौसम में और भी गंभीर हो जाता है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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