इमरान खान का ब्लड प्रेशर 192 पहुंचा, PTI ने चीफ जस्टिस से लगाई गुहार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने एक बार फिर गंभीर चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की कोर कमेटी ने…
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने एक बार फिर गंभीर चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की कोर कमेटी ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि वे इमरान खान के इलाज से जुड़े अदालती आदेशों को तत्काल लागू करवाएं। यह मांग उन मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आई है, जिनमें दावा किया गया था कि जेल में बंद खान का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) 192 तक पहुंच गया है।
अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान को कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है, जिन्हें उनकी पार्टी राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती है। PTI नेताओं का कहना है कि जेल में रहने के दौरान उनकी सेहत लगातार गिरी है। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद खान पर सरकारी उपहारों और कथित अवैध विवाह सहित कई मामले दर्ज किए गए थे।
स्वास्थ्य को लेकर पार्टी की मांगें
कोर कमेटी की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि इमरान खान को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्हें न तो परिवार के सदस्यों से मिलने दिया जा रहा है और न ही उनके निजी डॉक्टरों से। पार्टी ने खान की सेहत और जीवन की रक्षा को एक 'बेहद जरूरी मानवीय मुद्दा' बताते हुए कहा, "इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही, देरी या गैर-जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की जा सकती।"
PTI ने सरकार से कई मांगें की हैं:
- इमरान खान को उनके निजी डॉक्टरों से मिलने दिया जाए।
- उनकी जरूरी मेडिकल जांच और डायग्नोस्टिक टेस्ट बिना देर किए कराए जाएं।
- विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
अदालती आदेश लागू करने की अपील
स्थानीय अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से इस मामले पर उसकी 'विशेष मानवीय अहमियत' को देखते हुए तत्काल ध्यान देने का अनुरोध किया है। PTI का कहना है कि अदालत के आदेशों को लागू करना संबंधित सरकारी और प्रशासनिक संस्थाओं की संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही, पार्टी ने पाकिस्तान के लोगों, विदेशों में बसे पाकिस्तानियों और अपने नेताओं से भी अपील की है कि वे इस मुद्दे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी ताकत से उठाएं।
इनपुट: IANS



