पाकिस्तान: पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में मानसून की भारी बारिश का कहर, 17 लोगों की मौत
पाकिस्तान के कई इलाकों में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है, जिसके चलते अलग-अलग हादसों में कम से कम 17 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब…
पाकिस्तान के कई इलाकों में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है, जिसके चलते अलग-अलग हादसों में कम से कम 17 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में तबाही का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहाँ मकान ढहने, डूबने और करंट लगने जैसी घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई।
बुधवार को स्थानीय मीडिया द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, पंजाब प्रांत में बारिश से संबंधित घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल हुए। गुजरांवाला शहर में सबसे अधिक 6 मौतें हुईं, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। इसके अलावा, पाकपत्तन में एक घर की छत गिरने से दो नाबालिग बच्चों की जान चली गई, जबकि उनकी मां घायल हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि मौतें मुख्य रूप से छत व दीवार गिरने, तालाब में डूबने या करंट लगने के कारण हुईं।
शहरों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित
पंजाब के गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर जैसे शहरों में लगभग 10 घंटे की लगातार भारी बारिश के बाद मुख्य सड़कें और निचले इलाके पानी में डूब गए। पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के अनुसार, गुजरांवाला में मेट्रो बस मार्ग के लिए चल रहे खुदाई के काम ने जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे सामान्य जनजीवन और व्यावसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। लाहौर के गुलशन-ए-रावी इलाके में एक फैक्ट्री की छत गिरने से चार मजदूर घायल हो गए, जबकि गुजरात शहर में जीटी रोड बाईपास पर बारिश के कारण फिसलन से एक ट्रेलर खाई में जा गिरा।
खैबर पख्तूनख्वा में भी भारी नुकसान
इससे पहले सोमवार को, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में भी मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ ने कहर बरपाया था, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। 'द न्यूज इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर, मर्दान और बाजौर जिलों में ये मौतें हुईं। लांडी कोटल से दो युवकों के शव बरामद हुए, जबकि जमरूद से एक महिला और एक बच्चे समेत चार और शव मिले। मर्दान में छत गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई और बाजौर में एक व्यक्ति की जान चली गई।
बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने मानसेहरा, एबटाबाद और चित्राल समेत कई जिलों में सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया। सड़कें, पुल, मकान, फसलें और संचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिससे कई घंटों तक यातायात भी बाधित रहा।
इनपुट: IANS



