बलूचिस्तान: BLA का दावा, एक सप्ताह में 15 हमलों में 27 से ज्यादा पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक सप्ताह के भीतर पाकिस्तानी सेना पर कई बड़े हमले करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने कहा है…
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक सप्ताह के भीतर पाकिस्तानी सेना पर कई बड़े हमले करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने कहा है कि 20 से 26 अक्टूबर के बीच किए गए 15 अलग-अलग अभियानों में 27 से अधिक सैन्यकर्मियों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए।
स्थानीय मीडिया 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के मुताबिक, बीएलए के प्रवक्ता जियंद बलूच ने एक बयान जारी कर इन हमलों की विस्तृत जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि संगठन की खुफिया शाखा ने पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के लेफ्टिनेंट कर्नल बिलाल जलीब की गतिविधियों पर नजर रखी थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को रिमोट से नियंत्रित विस्फोटक (IED) के जरिए उनके वाहन को निशाना बनाया गया, जिससे वाहन को भारी नुकसान पहुंचा और दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
विभिन्न जिलों में सिलसिलेवार हमले
बीएलए के दावे के अनुसार, सबसे बड़ी झड़प 24 अक्टूबर को गिदार इलाके में हुई, जहाँ पाकिस्तानी बलों और लड़ाकों के बीच चार घंटे से अधिक समय तक गोलीबारी चली। इस टकराव में पाकिस्तानी सेना के पांच जवान मारे गए और 11 से अधिक घायल हुए।
संगठन ने केच, मस्तुंग, कलात, खुजदार और नुश्की समेत कई जिलों में हमले करने की जिम्मेदारी ली है।
- केच और मस्तुंग: केच जिले के चेर कुंचेती में एक सैन्य काफिले पर पहले IED से और फिर गोलीबारी कर हमला किया गया, जिसमें चार जवानों की मौत हुई। 26 अक्टूबर को मस्तुंग के गुरगीना में एक घात लगाकर किए गए हमले में भी चार सैन्यकर्मियों के मारे जाने और छह के घायल होने का दावा किया गया।
- कलात और दश्त: कलात जिले में 22, 24 और 26 अक्टूबर को तीन अलग-अलग हमलों में कुल पांच सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई है। इनमें IED विस्फोट और काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले शामिल हैं। 25 अक्टूबर को दश्त बाबा इलाके में दो सैनिकों को मारने का दावा करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि सैनिक अपने साथियों के शव छोड़कर पीछे हट गए।
- खुजदार और नुश्की: 25 अक्टूबर को खुजदार में हुए एक हमले में तीन जवान मारे गए और चार घायल हुए। वहीं, 24 अक्टूबर को नुश्की में एक सैन्य शिविर पर हमले में तीन जवानों की मौत हुई। बीएलए ने यह भी दावा किया कि उसके एक स्नाइपर ने नुश्की में एक चौकी पर तैनात जवान को मार गिराया।
बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया
सैन्यकर्मियों पर हमलों के अलावा, बीएलए ने क्वेटा-कराची व्यापार मार्ग पर स्थित एक पुल को भारी मशीनरी से निशाना बनाकर आग लगाने का भी दावा किया, जिससे पुल को गंभीर नुकसान पहुंचा। साथ ही, खुजदार के करख इलाके में लेवीज और आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) के एक संयुक्त थाने के मुख्य द्वार को विस्फोट से उड़ाने की भी बात कही गई है। संगठन के इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इनपुट: IANS



