व्यापारियों की अपील के बावजूद 1 नवंबर को होगी INDIA ब्लॉक की रैली, खड़गे बोले- 'लोकतंत्र बचाने का संघर्ष'
त्योहारी सीजन में कारोबार पर असर पड़ने की चिंताओं को लेकर दिल्ली के व्यापार संगठनों ने भले ही विपक्षी गठबंधन INDIA से अपनी रैली टालने की अपील की हो, लेकिन यह प्रदर्शन अब तय कार्यक्रम के अनुसार ही…
त्योहारी सीजन में कारोबार पर असर पड़ने की चिंताओं को लेकर दिल्ली के व्यापार संगठनों ने भले ही विपक्षी गठबंधन INDIA से अपनी रैली टालने की अपील की हो, लेकिन यह प्रदर्शन अब तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विशाल विरोध रैली अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित की जाएगी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, खड़गे ने इस विरोध प्रदर्शन को निरंकुश शासन के खिलाफ जनता को जगाने का एक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सरकार के कथित कुकर्मों और मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिशों के विरुद्ध लोगों में जागरूकता लाने के लिए है।
विरोध प्रदर्शन का कारण क्या है?
यह 'चलो दिल्ली मार्च' मुख्य रूप से चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर (SIR) अभ्यास में कथित मतदान चोरी और अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। पत्रकारों से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "मतदान चोरी और चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई गड़बड़ी के कारण हमारा विरोध जारी है। हम इसके खिलाफ विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। सभी दल हमारा समर्थन कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, “कल भी एक सांकेतिक संसद है और 1 नवंबर को हम एक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिसमें देशभर से लोग इकट्ठा होंगे। हम लड़ेंगे क्योंकि लोकतंत्र में जब तक आप लड़ेंगे नहीं लोग जागृत नहीं होंगे। इसीलिए हम यह सब कर रहे हैं।”
विपक्ष और व्यापारियों के अपने-अपने तर्क
एक तरफ जहां विपक्षी दल इसे लोकतंत्र बचाने का आंदोलन बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दिल्ली के व्यापारियों ने पिछले कुछ दिनों में इस रैली को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। उनका मानना है कि त्योहारी मौसम के बीच इतने बड़े आयोजन से कारोबारी माहौल खराब होगा और उनकी आजीविका पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी गुरुवार को लोगों से इस रैली में शामिल होने का आह्वान किया। एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने इसे "लोकतंत्र को बचाने, कथित मतदान चोरी को रोकने और संविधान की रक्षा करने का आंदोलन" करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मार्च किसी एक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की रक्षा के लिए है। राहुल गांधी ने सभी राजनीतिक दलों के छात्र समूहों से भी इसमें भाग लेने की अपील की।
इनपुट: IANS



