पश्चिम बंगाल: प्राइमरी स्कूलों में 'एक कक्षा, एक शिक्षक' नीति की तैयारी, वेतन वृद्धि छात्रों की प्रगति से जुड़ सकती है
पश्चिम बंगाल के प्राथमिक विद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार 'एक कक्षा, एक शिक्षक' (वन क्लास, वन टीचर) नीति लागू करने पर गंभीरता…
पश्चिम बंगाल के प्राथमिक विद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार 'एक कक्षा, एक शिक्षक' (वन क्लास, वन टीचर) नीति लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों के बीच के रिश्ते को मजबूत करना है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, गुरुवार को राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने इस प्रस्तावित नीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत, एक शिक्षक को पूरे शैक्षणिक वर्ष के लिए एक ही कक्षा के सभी विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
नई नीति के पीछे का उद्देश्य
मंत्री दीपक बर्मन ने समझाया कि शिक्षाविदों के साथ चर्चा के बाद यह महसूस किया गया कि जब किसी व्यक्ति को एक निश्चित जिम्मेदारी दी जाती है, तो काम के प्रति उसका समर्पण भी बढ़ता है। उन्होंने कहा, "इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के बीच के रिश्ते को मजबूत करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।"
इस नीति के तहत, शिक्षकों का वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) उनकी कक्षा के छात्रों की प्रगति से जोड़ा जा सकता है। मंत्री ने कहा, "जब कोई शिक्षक पूरे साल के लिए एक कक्षा की जिम्मेदारी लेता है, तो उसे छात्रों की खूबियों और कमियों की स्पष्ट समझ हो जाती है, जिससे उनके सर्वांगीण विकास में मदद मिलती है।" इसके अलावा, शिक्षकों के मूल्यांकन की प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव की योजना है।
शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने पर भी जोर
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार प्राथमिक और माध्यमिक स्तरों पर शिक्षक-छात्र अनुपात को बेहतर बनाने के लिए भी काम कर रही है। वर्तमान में, प्राथमिक स्तर पर यह अनुपात 1:26 है, जबकि माध्यमिक स्तर पर यह लगभग 1:50 है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर 13,000 शिक्षकों की भर्ती होने पर यह अनुपात सुधरकर 1:20 तक लाया जा सकता है।
ऑल-बंगाल प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। एसोसिएशन के महासचिव ध्रुबशेखर मंडल ने कहा, "हर कक्षा के लिए एक ही शिक्षक को जिम्मेदारी देना जरूरी है। अगर एक शिक्षक को कई कक्षाओं की जिम्मेदारी दे दी जाए, तो छात्रों की सर्वांगीण प्रगति सुनिश्चित करना मुश्किल हो जाता है।"
इनपुट: IANS



