NSE का शेयर IPO इश्यू प्राइस से भी नीचे लुढ़का, लिस्टिंग के बाद निवेशकों को झटका
हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के शेयरों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के इश्यू प्राइस से भी…
हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के शेयरों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के इश्यू प्राइस से भी नीचे फिसल गया, जिससे लिस्टिंग के बाद मुनाफा कमाने की उम्मीद कर रहे निवेशकों को निराशा हुई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह शेयर अपने अब तक के उच्चतम स्तर से 6 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है।
सोमवार सुबह के कारोबार में एनएसई का शेयर 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 1,767 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। दिन में लगभग 10 बजे इसने 1,761 रुपये का निचला स्तर भी छुआ। यह कीमत इसके 1,785 रुपये के इश्यू प्राइस से 1.34 प्रतिशत कम थी।
लिस्टिंग के बाद कैसा रहा प्रदर्शन?
एनएसई का शेयर स्टॉक मार्केट में 1,800 रुपये पर लिस्ट हुआ था, जो इसके इश्यू प्राइस से बेहतर शुरुआत थी। लिस्टिंग वाले दिन ही इसने 1,878 रुपये का सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया था। हालांकि, इसके बाद से शेयर पर दबाव देखा जा रहा है। सोमवार की गिरावट से पहले, पिछले कारोबारी सत्र में भी यह 0.56% की कमजोरी के साथ बंद हुआ था। दोपहर 11:30 बजे के आसपास शेयर में मामूली सुधार हुआ और यह 1,771 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
भारत का दूसरा सबसे बड़ा IPO
एनएसई का आईपीओ इस साल (2024) का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू था, जिसका आकार 22,561.57 करोड़ रुपये था। इससे बड़ा आईपीओ सिर्फ हुंडई मोटर इंडिया (27,870 करोड़ रुपये) का रहा है। एनएसई का आईपीओ 17 से 21 सितंबर के बीच खुला था और इसे निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी, जो 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
लिस्टिंग के बाद, एनएसई का बाजार पूंजीकरण लगभग 4.49 लाख करोड़ रुपये है, जिसने इसे भारत की 10वीं सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बना दिया है। इस मुकाम पर इसने सन फार्मास्युटिकल्स और टाइटन जैसी बड़ी कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। एक्सचेंज अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा (वित्त वर्ष 2026 में 78.65% राजस्व) ट्रांजैक्शन चार्ज से हासिल करता है।
इनपुट: IANS



