लिस्टिंग के अगले ही दिन NSE के शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव, शुरुआती बढ़त के बाद फिसला
भारत के दूसरे सबसे बड़े IPO के बाद शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों में लिस्टिंग के अगले ही दिन, शुक्रवार को, मुनाफावसूली का दबाव देखा गया। समाचार एजेंसी IANS की एक…
भारत के दूसरे सबसे बड़े IPO के बाद शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों में लिस्टिंग के अगले ही दिन, शुक्रवार को, मुनाफावसूली का दबाव देखा गया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को सकारात्मक शुरुआत के बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाने को तरजीह दी, जिससे शेयर में गिरावट आई।
कारोबार के दौरान NSE का शेयर लगभग 1.6 प्रतिशत फिसलकर 1,790 रुपये के निचले स्तर तक चला गया था। बाद में यह पिछले बंद भाव से 1.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,796 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। यह गिरावट उस उछाल के बाद आई जब गुरुवार को लिस्टिंग वाले दिन शेयर ने 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल की थी, हालांकि अंत में यह करीब 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
बाजार में NSE की मजबूत स्थिति
लिस्टिंग के साथ ही NSE का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) लगभग 4.49 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस आंकड़े के साथ यह भारत की 10वीं सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई है। बाजार मूल्य के मामले में इसने सन फार्मास्युटिकल्स और टाइटन जैसी बड़ी कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। अब यह रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल और टीसीएस जैसी कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है।
IPO को मिला था ज़बरदस्त समर्थन
17 से 21 सितंबर के बीच खुले NSE के बहुप्रतीक्षित IPO को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला था। यह इश्यू 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जहाँ 22,568.94 करोड़ रुपये के इश्यू के बदले 90,287.33 करोड़ रुपये की बोलियाँ प्राप्त हुई थीं। यह भारत के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम है, इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का IPO आया था।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की योजनाएँ
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लिस्टिंग के बाद शुरुआती दिनों में इस तरह की मुनाफावसूली एक सामान्य प्रक्रिया है। वे भारत के पूंजी बाजार के विस्तार और NSE की मजबूत स्थिति को देखते हुए इसमें निवेशकों की लंबी अवधि की दिलचस्पी बने रहने की उम्मीद जता रहे हैं।
इस बीच, NSE के प्रबंध निदेशक और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने बताया है कि एक्सचेंज एक व्यापक 'मोबाइल-फर्स्ट' प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है। इसका लक्ष्य निवेशकों को उनके ट्रेडिंग डेटा, पोर्टफोलियो की जानकारी और विश्लेषण जैसी सुविधाएँ एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है।
इनपुट: IANS



