टाटा संस की लिस्टिंग: नोएल टाटा ने चेताया - निवेशकों के मुनाफे और ट्रस्ट के सामाजिक उद्देश्यों में हो सकता है टकराव
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर एक बड़ी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि यदि कंपनी सूचीबद्ध होती है, तो शेयरधारकों की मुनाफे की उम्मीदें और टाटा…
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर एक बड़ी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि यदि कंपनी सूचीबद्ध होती है, तो शेयरधारकों की मुनाफे की उम्मीदें और टाटा ट्रस्ट्स के दशकों पुराने परोपकारी उद्देश्य एक-दूसरे के आमने-सामने आ सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपने उस फैसले पर पुनर्विचार करेगा जिसके तहत टाटा संस को एक अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) माना गया है।
मुंबई में रिपब्लिक टीवी के एक कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए नोएल टाटा ने कहा कि लिस्टिंग से टाटा समूह के कामकाज के तरीके में बुनियादी बदलाव आ जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टाटा संस ने ऐतिहासिक रूप से समूह की अन्य कंपनियों को मुश्किल समय में सहारा दिया है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि बाहरी शेयरधारक भी भविष्य में ऐसे निवेशों का समर्थन करेंगे।
लिस्टिंग की वजह और RBI का रुख
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सितंबर 2022 में RBI ने टाटा संस को अपर-लेयर NBFC की सूची में डाल दिया। केंद्रीय बैंक ने कंपनी को तीन साल के भीतर यानी सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के बाद, टाटा संस ने अपना कर्ज चुकाया और 2024 में एक निजी कंपनी बने रहने के लिए कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) का दर्जा छोड़ने हेतु आवेदन किया। हालांकि, RBI ने इसी महीने की शुरुआत में इस आवेदन को खारिज कर दिया और कंपनी को नियमों का पालन करने को कहा।
पुनर्गठन का प्रस्ताव और बोर्ड में मतभेद
इस स्थिति से बचने के लिए टाटा ट्रस्ट्स ने एक पुनर्गठन प्रस्ताव सामने रखा है। टाटा संस में 66% हिस्सेदारी रखने वाले इन ट्रस्ट्स ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स सॉल्यूशंस और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स का टाटा संस में विलय करने का सुझाव दिया है। इस कदम से टाटा संस के पास अपने राजस्व के स्रोत होंगे, जिससे उसे NBFC या कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के वर्गीकरण से बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। नोएल टाटा ने बोर्ड से इसी प्रस्ताव की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
जानकारी के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में हुई बोर्ड बैठक में नोएल टाटा एकमात्र सदस्य थे जिन्होंने लिस्टिंग की तैयारी शुरू करने के फैसले का विरोध किया था। इसी बैठक में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को पांच साल का नया कार्यकाल देने के लिए भी मतदान हुआ था, जिसे नोएल टाटा ने अवैध बताया।
टाटा ट्रस्ट्स के सामाजिक कार्य
अपने संबोधन के अंत में नोएल टाटा ने टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार को ट्रस्ट के लिए प्रमुख क्षेत्र बताया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विश्वविद्यालयों में दी जाने वाली शिक्षा और उद्योग जगत की वास्तविक जरूरतों के बीच के अंतर को पाटना बेहद जरूरी है।
इनपुट: IANS



