विधान परिषद चुनाव: 4 राज्यों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, हार्दिक पटेल ने बैलेट पेपर पर कसा तंज
गुजरात के भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों पर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय…
गुजरात के भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों पर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से हुए थे, फिर भी कांग्रेस एक भी सीट जीतने में नाकाम रही।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पटेल ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "4 बड़े राज्य, 28 एमएलसी सीटें और चुनाव बैलेट पेपर से हुए। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक। अब अंदाजा लगाइए कि इन 28 सीटों में कांग्रेस कितनी सीटें जीत पाई? कोई नारा नहीं, कोई बहाना नहीं, सिर्फ नतीजों को देखिए।" यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब इन चुनावों के परिणाम घोषित किए जा रहे थे।
विभिन्न राज्यों में क्या रहे नतीजे?
चार राज्यों की कुल 28 विधान परिषद सीटों पर हुए इन चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका। कर्नाटक में पार्टी को सबसे बड़ा झटका लगा, जहां सत्ता में होने के बावजूद वह सभी चार सीटें हार गई। इन सभी सीटों पर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने जीत हासिल की, जिसमें बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की वह सीट भी शामिल है जो पहले कांग्रेस के पास थी।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी को दो सीटों पर सफलता मिली। वहीं, बिहार में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पहली बार जीत का स्वाद चखा। पार्टी के उम्मीदवार सुरेश राय ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा को हरा दिया। बिहार में ही, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट भाजपा से छीन ली, जहां से नवल किशोर यादव पांच बार एमएलसी रह चुके थे।
पटेल की टिप्पणी का राजनीतिक महत्व
हार्दिक पटेल की यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। कभी पाटीदार आरक्षण आंदोलन के जरिए भाजपा के मुखर आलोचक रहे हार्दिक 2019 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी बने। हालांकि, पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के चलते उन्होंने मई 2022 में कांग्रेस छोड़ दी और जून 2022 में भाजपा में शामिल हो गए। 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने वीरमगाम सीट से 51 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी। इन चुनाव परिणामों को भाजपा विपक्ष की उस मांग पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रही है, जिसमें ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की जाती है।
इनपुट: IANS



