मणिपुर IED हमला: दो बच्चों की मौत के मामले में NIA ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में अप्रैल महीने में एक घर पर हुए IED हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दूसरी गिरफ्तारी की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हमले में दो नाबालिग बच्चों की…
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में अप्रैल महीने में एक घर पर हुए IED हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दूसरी गिरफ्तारी की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हमले में दो नाबालिग बच्चों की जान चली गई थी और एक व्यक्ति घायल हो गया था। एजेंसी ने अब इस मामले में एक और आरोपी को पकड़ा है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान मणिपुर के चुराचांदपुर निवासी थांगमांग हाओकिप के रूप में हुई है। एनआईए ने उसे 25 सितंबर को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे इम्फाल की स्पेशल एनआईए कोर्ट-II में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसे 12 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले, 12 अगस्त को एस. पलाला थाडौट कुकी को पकड़ा गया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई इलाके में हुई थी। अज्ञात उग्रवादियों ने पहाड़ी से एक विस्फोटक उपकरण दागा था, जो एक रिहायशी मकान की दीवार से जा टकराया। इस विस्फोट में परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में, इलाज के दौरान घायल हुए दो नाबालिग बच्चों ने दम तोड़ दिया।
एजेंसी ने बताया कि घटनास्थल के पास से एक बिना फटा इम्प्रोवाइज्ड RPG भी बरामद हुआ था। शुरुआत में यह मामला मोइरांग पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में 23 अप्रैल को NIA ने इसे अपने हाथ में ले लिया। एनआईए ने भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें थांगमांग हाओकिप की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने कहा है कि हमले की बड़ी साजिश का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।
असम में भी NIA की कार्रवाई
एक अलग मामले में, NIA ने कथित जिहादी गतिविधियों की जांच के सिलसिले में मंगलवार को असम के बारपेटा रोड से मुस्तफिजुर रहमान को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने आजाद नगर इलाके में स्थित उसके घर पर तलाशी ली और उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया।
यह कार्रवाई रहमान के गुवाहाटी सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा होने के लगभग दो महीने बाद हुई है। उसे पहले 14 मार्च को असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जिहादी गतिविधियों से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था।
इनपुट: IANS



