गाजा से सेना वापसी पर इजरायल की दो टूक: पहले हमास पूरी तरह हथियार छोड़े
गाजा में युद्धविराम की कोशिशों के बीच इजरायल ने अपना रुख साफ कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि जब तक हमास पूरी तरह से निरस्त्र नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना गाजा में…
गाजा में युद्धविराम की कोशिशों के बीच इजरायल ने अपना रुख साफ कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि जब तक हमास पूरी तरह से निरस्त्र नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना गाजा में अपनी मौजूदा स्थिति से पीछे नहीं हटेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा, "हमने इजरायल के सैनिकों को निर्देश दिया है कि वे हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो जरूरी है वो करें।"
इजरायल की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी 'पीस बोर्ड' ने हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक समझौते का मसौदा तैयार किया है। हालांकि, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस मसौदे से असहमति जताई। उन्होंने कहा, "व्हाइट हाउस ने हमें एक ड्राफ्ट भेजा था, लेकिन हमने उससे सहमति नहीं जताई। यह हमारा ड्राफ्ट नहीं है। हमने अपने सुझाव भेज दिए हैं।"
युद्धविराम पर हमास की शर्तें
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के एक दिन बाद हमास ने गाजा युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के रोडमैप के नए संस्करण पर सहमति तो दे दी, लेकिन इसके साथ अपनी शर्तें भी रखीं। हमास का कहना है कि हथियारों से जुड़ा कोई भी फैसला तभी लिया जाएगा, जब इजरायली हमले पूरी तरह बंद हों, सेना गाजा से हटाई जाए और क्षेत्र के पुनर्निर्माण में प्रगति हो।
प्रशासन के लिए नया रोडमैप
वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, एक नए अंतरराष्ट्रीय रोडमैप के तहत हमास गाजा में अपना नागरिक और सैन्य शासन छोड़ने पर सहमत हुआ है। इस योजना में सिर्फ युद्धविराम ही नहीं, बल्कि हमास की शासन व्यवस्था को खत्म करने का भी विस्तृत प्रस्ताव है। इसके तहत गाजा का प्रशासन एक अस्थायी फिलिस्तीनी प्रशासन को सौंपा जाएगा, जिसे 'राष्ट्रीय समिति' कहा जाएगा। यह स्वतंत्र संस्था संक्रमण काल में नागरिक और आंतरिक सुरक्षा दोनों की जिम्मेदारी संभालेगी। दस्तावेज के अनुसार, यह समिति ही सार्वजनिक सेवाओं, कानून-व्यवस्था और पुनर्निर्माण से पहले वित्तीय ऑडिट का काम देखेगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब बीते हफ्ते गाजा में इजरायली हमलों में बच्चों और आम नागरिकों सहित कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद, युद्धविराम वार्ता में मध्यस्थता कर रहे कतर, मिस्र और तुर्की ने सोमवार को एक संयुक्त बयान जारी कर इन हमलों की निंदा की थी।
इनपुट: IANS



