मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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हैदराबाद: रिटायर्ड IPS की पत्नी की हत्या का मामला सुलझा, घरेलू सहायिका समेत नेपाली गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार

हैदराबाद में एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की पत्नी की हत्या के पांच महीने पुराने मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में…

हैदराबाद: रिटायर्ड IPS की पत्नी की हत्या का मामला सुलझा, घरेलू सहायिका समेत नेपाली गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

हैदराबाद में एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की पत्नी की हत्या के पांच महीने पुराने मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में घरेलू सहायिका समेत एक नेपाली गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियां हैदराबाद के नामपल्ली रेलवे स्टेशन के पास की गईं।

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पीड़ित तनुजा रंजन, जो रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी विनय रंजन की पत्नी थीं, की इसी साल 7-8 मई की दरमियानी रात को उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले की जांच के लिए गठित एक विशेष जांच टीम (SIT) ने पांच महीने की लंबी पड़ताल के बाद इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया। यह जांच कई राज्यों से लेकर भारत-नेपाल सीमा तक फैली हुई थी।

साज़िश में शामिल थी घरेलू सहायिका

पुलिस के अनुसार, इस पूरी साजिश में पीड़ित के घर पर काम करने वाली घरेलू सहायिका धर्मा तिरुवा उर्फ कल्पना भी शामिल थी। 26 वर्षीय कल्पना नेपाल के सुर्खेत जिले की रहने वाली है और उसे हर महीने करीब 20,000 रुपये वेतन मिलता था। जांच में पता चला कि वह पुणे में रहने वाले विकास नाम के एक नेपाली नागरिक के संपर्क में थी, जो उससे घर और वहां रखे कीमती सामानों के बारे में जानकारी लेता था। उसी ने लूट की योजना बनाई और कल्पना को लूटे गए माल में हिस्सा देने का वादा किया।

पुलिस ने बताया कि मालिक के बेंगलुरु जाने की सूचना मिलते ही कल्पना ने अपने साथियों को इसकी खबर दे दी। इसके बाद गिरोह के सदस्य महाराष्ट्र से हैदराबाद पहुंचे और लूट की योजना को अंतिम रूप दिया।

कैसे दिया गया वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक, 7-8 मई की दरमियानी रात को कल्पना ने ही घर का दरवाज़ा खोला, ताकि गिरोह के बाकी सदस्य अंदर आ सकें। इसी दौरान तनुजा रंजन जाग गईं। हमलावरों ने उनका मुंह बंद कर दिया और उन्हें काबू में कर लिया, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई। इसके बाद गिरोह ने घर की तलाशी ली, अलमारियां तोड़ीं और करीब 225 ग्राम सोने के गहने व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए।

गिरोह के अन्य सदस्य

गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय गणेश बीके (मजदूर, पुणे निवासी), 44 वर्षीय चंद्र बहादुर तमांग (रसोइया, गुरुग्राम निवासी) और 37 वर्षीय गणेश बहादुर शाही (चौकीदार, पुणे निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इससे पहले भी इस मामले में दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वारदात के बाद गिरोह ने लूटे हुए सामान को नौ हिस्सों में बांटा और नेपाल भाग गए थे।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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