नेपाल: भांग की खेती पर 5 दशक पुराना प्रतिबंध हटेगा? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नियम बनाने का दिया आदेश
नेपाल में लगभग 50 सालों से प्रतिबंधित भांग की खेती और उत्पादन को कानूनी रूप देने की दिशा में एक बड़ा फैसला आया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग…
नेपाल में लगभग 50 सालों से प्रतिबंधित भांग की खेती और उत्पादन को कानूनी रूप देने की दिशा में एक बड़ा फैसला आया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती का रास्ता साफ करने का निर्देश दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से तीन महीने के भीतर इसके लिए एक नियामक ढांचा तैयार करने को कहा है।
यह फैसला उस कानून के करीब पांच दशक बाद आया है, जिसके तहत भांग की बिक्री, खेती और सेवन को अपराध घोषित कर दिया गया था। साल 1976 में लागू नारकोटिक ड्रग्स (कंट्रोल) एक्ट के कारण नेपाल में भांग की खेती करने वालों को जेल और जुर्माने का सामना करना पड़ता है।
कानूनी आधार और अदालती निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि 1976 का कानून प्रतिबंध लगाता है, लेकिन साथ ही इसमें औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए नियंत्रित खेती की कानूनी गुंजाइश भी मौजूद है। अदालत ने पाया कि सरकार द्वारा आवश्यक नियम और प्रक्रियाएं न बनाए जाने के कारण अब तक इस प्रावधान का लाभ नहीं उठाया जा सका। अदालत का यह फैसला 18 मई 2025 को सुनाया गया था, लेकिन पिछले साल 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में आग लगने की घटना के कारण संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने से इसका पूरा पाठ अब सार्वजनिक किया गया है।
न्यायालय ने सरकार को एक सख्त निगरानी और नियामक व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है। इसके तहत व्यावसायिक खेती, उत्पादन, भंडारण, बिक्री, निर्यात और आयात के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था का एक मुख्य उद्देश्य भांग की अवैध खेती और बिक्री जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना भी होगा।
कानूनीकरण की बढ़ती मांग और पिछला इतिहास
हाल के वर्षों में नेपाल में भांग की खेती को वैध करने की मांग तेज हुई है। मार्च 2020 में, एक सांसद शेर बहादुर तामांग ने संसद में एक निजी विधेयक पेश किया था, जिसमें औषधीय उपयोग और निर्यात के लिए इसे कानूनी बनाने की मांग की गई थी, हालांकि यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इसी साल 9 जुलाई को नेपाल की गंडकी प्रांत विधानसभा ने औषधीय और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती को लाइसेंस देने वाला एक विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया था।
ऐतिहासिक रूप से, 1970 के दशक की शुरुआत तक नेपाल में भांग की खेती और बिक्री कानूनी थी। लेकिन 1960 और 70 के दशक में पश्चिमी देशों से आने वाले हिप्पियों के कारण मारिजुआना और हशीश की मांग बढ़ी, जिसने एक बड़ा बाजार बना दिया। माना जाता है कि उस समय अमेरिका के 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के दबाव में नेपाल ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इनपुट: IANS



