ओडिशा: कंधमाल और बौद्ध जिलों से गांजे की खेती खत्म करने का मिशन शुरू, NCB भी शामिल
ओडिशा के दो जिलों, कंधमाल और बौद्ध में, अवैध गांजे की खेती को जड़ से खत्म करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ओडिशा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के इस…
ओडिशा के दो जिलों, कंधमाल और बौद्ध में, अवैध गांजे की खेती को जड़ से खत्म करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ओडिशा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के इस 'मिशन जीरो कैनाबिस कल्टीवेशन' में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। राज्य में गांजे की सबसे ज्यादा अवैध खेती इन्हीं दो जिलों में होती है।
इस मिशन का लक्ष्य मार्च 2027 तक इन दोनों जिलों को गांजे की खेती से पूरी तरह मुक्त करना है। यह कार्रवाई केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-29) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य चिन्हित क्षेत्रों में दिसंबर 2027 तक भांग और अफीम की अवैध खेती को समाप्त करना है।
अभियान की शुरुआत और कार्रवाई
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर कंधमाल जिले के काकेन्द्री गांव में करीब 30 एकड़ में फैली गांजे की अवैध फसल को नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा, लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए भी कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुद्रुकम्पा में पंचायत सदस्यों सहित 500 लोगों ने 'नशा मुक्त भारत' की शपथ ली, जबकि फूलबानी में 500 कॉलेज छात्रों ने एक मिनी-मैराथन में हिस्सा लेकर जागरूकता का संदेश दिया।
राजस्थान में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले राजस्थान में भी इसी तरह की एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया था। NCB जोधपुर, राजस्थान ANTF और स्थानीय पुलिस ने 'ऑपरेशन शंकर' के तहत उदयपुर जिले के नयावास गांव में बड़े पैमाने पर अवैध गांजे की खेती का भंडाफोड़ किया था।
इस संयुक्त अभियान में अधिकारियों ने 9.4 बीघा जमीन पर लगे लगभग 7,577 गांजे के पौधों को नष्ट किया। अधिकारियों का अनुमान है कि इस फसल से करीब 2,273 किलोग्राम गांजा तैयार हो सकता था, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 11.76 करोड़ रुपए होती। NCB जोधपुर ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इनपुट: IANS



