त्योहारी सीज़न में ऑटो बाज़ार की रफ़्तार तेज़, नवरात्रि में 11 लाख से ज़्यादा गाड़ियाँ बिकीं
भारत के ऑटोमोबाइल बाज़ार ने इस त्योहारी सीज़न में बिक्री के शानदार आँकड़े दर्ज किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि के 10 दिनों की अवधि में ही देश भर में 11.23 लाख से ज़्यादा…
भारत के ऑटोमोबाइल बाज़ार ने इस त्योहारी सीज़न में बिक्री के शानदार आँकड़े दर्ज किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि के 10 दिनों की अवधि में ही देश भर में 11.23 लाख से ज़्यादा गाड़ियों की रिटेल बिक्री हुई। यह आंकड़ा 2024 की नवरात्रि की तुलना में लगभग 27% की बड़ी छलांग है, जो बाज़ार में मज़बूत मांग का संकेत देता है।
फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) द्वारा बुधवार को जारी किए गए डेटा में यह जानकारी दी गई। इस बार गाड़ियों की बिक्री में 10 प्रतिशत से ज़्यादा का उछाल आया, जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री 32 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ी। ये आँकड़े दिखाते हैं कि ग्राहक त्योहारी सीज़न में वाहन खरीदने में काफ़ी दिलचस्पी ले रहे हैं।
ईवी की मांग में ज़बरदस्त उछाल
इस बार की बिक्री में सबसे अहम बात इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती लोकप्रियता रही। ईवी की खुदरा बिक्री में 26.78 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई। अब त्योहारी सीज़न की कुल वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 10.5 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में करीब 7.7 प्रतिशत थी। इससे साफ़ है कि भारतीय बाज़ार में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता तेज़ी से बढ़ रही है।
पिछले साल से तुलना और भविष्य का नज़रिया
हालांकि, पिछले साल यानी 2025 की नवरात्रि से तुलना करें तो बिक्री में 6.52 प्रतिशत की मामूली गिरावट दिखी है। इस पर फाडा के अध्यक्ष साईं गिरिधर ने स्पष्ट किया, "नवरात्रि 2025 की तुलना में 6.52 प्रतिशत की मामूली गिरावट मुख्य रूप से केवल आंकड़ों में दिख रही है। पिछले साल नवरात्रि 10 के बजाय 11 दिनों की थी और इसी दौरान जीएसटी 2.0 भी लागू हुआ था, जिससे लंबे समय से रुकी हुई मांग एक साथ सामने आ गई और बिक्री में एक असाधारण उछाल देखने को मिला।"
फाडा भविष्य को लेकर आशावादी है, लेकिन सतर्क भी है। साईं गिरिधर ने आगे कहा, "धनतेरस से दीपावाली तक के दौर में प्रवेश करते हुए, हम सतर्कता के साथ आशावादी बने हुए हैं। लोगों की खरीदने की क्षमता मजबूत है, उनकी आकांक्षाएं बढ़ रही हैं, और वाहनों की खुदरा बिक्री भारत की विकास की निरंतर गति को दर्शा रही है।"
सितंबर में भी बना था रिकॉर्ड
इससे पहले सितंबर महीने में भी ऑटोमोबाइल रिटेल बिक्री ने रिकॉर्ड बनाया था। घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 31.82 प्रतिशत बढ़कर 25,36,920 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई थी। यह इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन महीना रहा। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में भी 1,55,12,319 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री हुई, जो सालाना 20.77 प्रतिशत ज़्यादा है।
इनपुट: IANS



