तमिलनाडु में बच्चियों से यौन हिंसा पर भाजपा ने उठाए सवाल, सरकार की नाकामी को बताया ज़िम्मेदार
तमिलनाडु में हाल ही में बच्चियों के यौन उत्पीड़न की दो गंभीर घटनाओं को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इन मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए द्रमुक सरकार पर…
तमिलनाडु में हाल ही में बच्चियों के यौन उत्पीड़न की दो गंभीर घटनाओं को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इन मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए द्रमुक सरकार पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पीड़ितों के लिए तत्काल चिकित्सा देखभाल और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
नागेंद्रन ने विशेष रूप से चेन्नई के तिरुवोट्टियूर में एक प्रवासी मजदूर परिवार की पांच साल की बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटना का उल्लेख किया, जिसे उन्होंने पूरे तमिलनाडु के लिए एक सदमा बताया। उन्होंने कहा कि लोग अभी गुमिदिपुंडी की पिछली घटना से उबर भी नहीं पाए थे, जहां एक तीन साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न कर उसे कंटीली झाड़ियों में फेंक दिया गया था।
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता पर आरोप
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बार-बार हो रही हिंसा की ये घटनाएं राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिनके पास पुलिस और गृह विभाग का भी प्रभार है, की आलोचना करते हुए कहा कि प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि आम लोगों को अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
नैनार नागेंद्रन ने प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार और सरकार की अनुभवहीनता को अपराधियों में कानून का डर खत्म होने का कारण बताया। उनके मुताबिक, इन्हीं कमियों की वजह से पूरे राज्य में आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार केवल खोखले वादों पर निर्भर है और जनता की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रही है।
त्वरित न्याय और बेहतर इलाज की मांग
तिरुवोट्टियूर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए नागेंद्रन ने कहा कि आरोपी पर 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (पॉक्सो) के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उसे कानून के तहत अधिकतम संभव सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह पीड़ित बच्ची को सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ले।
अपने बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री को 'इमेज पॉलिटिक्स' छोड़कर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को तत्काल प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहती है तो तमिलनाडु की जनता उसे सबक सिखाएगी।
इनपुट: IANS



