असम: नगांव लोकसभा उपचुनाव में भारी मतदान, 76% वोटिंग के साथ त्रिकोणीय मुकाबले पर सबकी नज़रें
असम की प्रतिष्ठित नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सोमवार को लगभग 76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शाम 5 बजे मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया, जिसके बाद अब…
असम की प्रतिष्ठित नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सोमवार को लगभग 76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शाम 5 बजे मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया, जिसके बाद अब सभी की निगाहें भाजपा, कांग्रेस और AIUDF के बीच चल रहे कड़े त्रिकोणीय मुकाबले के नतीजों पर टिकी हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव अधिकारियों का अनुमान है कि मतदान का अंतिम प्रतिशत और बढ़ सकता है, क्योंकि निर्धारित समय तक कतार में लगे लोगों को भी वोट डालने का मौका दिया गया। इस उपचुनाव में कुल 15 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के देवाशीष शर्मा, कांग्रेस की सिबामनी बोरा और AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच माना जा रहा है। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
क्यों हुआ यह उपचुनाव?
नगांव में उपचुनाव की आवश्यकता तब पड़ी जब कांग्रेस के तत्कालीन सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद 20 मार्च, 2026 को लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, जिससे नगांव लोकसभा सीट खाली हो गई। यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही है, जिस पर उसने 2019 और 2024 के आम चुनावों में जीत दर्ज की थी।
मतदान के दौरान की स्थिति
पूरे संसदीय क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही। हालांकि, विपक्षी दलों ने कुछ मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी होने के आरोप भी लगाए। कांग्रेस नेता और धुबरी से सांसद रकीबुल हुसैन ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों में अज्ञात लोग घुस आए थे और उन्होंने भाजपा पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। इन आरोपों की हालांकि स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। चुनाव अधिकारियों ने सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी।
राजनीतिक समीकरण और महत्व
यह उपचुनाव असम के राजनीतिक परिदृश्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगांव संसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं और यहाँ कुल 19.05 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी बदलने और AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के खुद मैदान में उतरने से यह मुकाबला कांग्रेस के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। इस उपचुनाव के परिणाम यह संकेत देंगे कि असम के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में राजनीतिक हवा किस ओर बह रही है।
इनपुट: IANS



