G20 बैठक में एस. जयशंकर: सैन्य समाधान नहीं, कूटनीति को मौका मिलना चाहिए
भारत ने G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर…
भारत ने G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के अटलांटा में आयोजित इस बैठक में कहा कि सैन्य समाधान से समस्याएँ हल नहीं हो सकतीं और कूटनीति को एक मौका दिया जाना चाहिए।
शुक्रवार को जी-20 विदेश मंत्रियों के पहले पूर्ण सत्र के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों का असमान प्रभाव 'ग्लोबल साउथ' यानी विकासशील और अल्प-विकसित देशों पर पड़ रहा है।
व्यापार और आतंकवाद पर भारत का रुख
व्यापार के मुद्दे पर भी विदेश मंत्री ने विकासशील देशों के हितों की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि बाजारों में वस्तुओं की अत्यधिक आपूर्ति, सप्लाई चेन का एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल, बाजार तक पहुंच को सीमित करना और बाजार में असंतुलन पैदा करके विकासशील देशों के औद्योगीकरण के अधिकार को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह सब बंद होना चाहिए।“
आतंकवाद के मुद्दे पर जयशंकर ने किसी देश का नाम लिए बिना चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सामरिक और तात्कालिक हितों के लिए आतंकवाद के खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था, “आतंकवाद एक बेहद जोखिम भरा कदम है और इसे बढ़ावा देने वालों को भी अंततः इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है।“
समुद्री सुरक्षा पर जोर
जयशंकर ने कहा कि नागरिक जहाजों और नाविकों पर हमलों की वजह से ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS) के तहत नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने और हमलों को तुरंत रोकने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि नाविकों की सुरक्षा के लिए भारत और लाइबेरिया ने एक संयुक्त पहल शुरू की है।
G20 के इस सत्र की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने की। दो दिवसीय यह बैठक शनिवार को समाप्त होगी। इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे और कई द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे।
इनपुट: IANS



