गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
देश

मेघालय में शिक्षा सुधार: 2000 स्कूलों का कायाकल्प, सालाना खर्च हो रहे ₹4,000 करोड़

मेघालय सरकार राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है, जिसके तहत सालाना लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने गुरुवार को बताया कि…

मेघालय में शिक्षा सुधार: 2000 स्कूलों का कायाकल्प, सालाना खर्च हो रहे ₹4,000 करोड़
(फोटो: IANS)

मेघालय सरकार राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है, जिसके तहत सालाना लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने गुरुवार को बताया कि यह राशि सरकार के कुल वार्षिक व्यय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, शिक्षकों के कल्याण और शैक्षणिक परिणामों को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया है।

विज्ञापन

दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स में रिमरंगपारा उच्च माध्यमिक विद्यालय के पुनर्निर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं पर सालाना लगभग 20,000 करोड़ रुपये खर्च करती है, जिसमें से अकेले शिक्षा क्षेत्र को 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि 'मिशन एजुकेशन' के तहत पूरे मेघालय में 2,000 से अधिक स्कूलों का उन्नयन किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में 23 सितंबर को 80 से अधिक नए स्कूल भवनों का उद्घाटन किया गया। जिस रिमरंगपारा स्कूल में कार्यक्रम हो रहा था, उसके नवीनीकरण के लिए मुख्यमंत्री विशेष विकास कोष (CMSDF) से 14 लाख रुपये की सहायता दी गई थी। यह राशि स्कूल प्रबंधन समिति और स्थानीय समुदाय के अनुरोध पर मंजूर की गई थी।

बेहतर होते शैक्षणिक परिणाम

सरकार के प्रयासों का असर शैक्षणिक परिणामों पर भी दिखने लगा है। मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि पिछले वर्षों में गारो हिल्स क्षेत्र में 75 प्रतिशत से अधिक बच्चे एसएसएलसी (कक्षा 10) की परीक्षा में असफल हो जाते थे। हालांकि, इस वर्ष राज्य में एसएसएलसी का उत्तीर्ण प्रतिशत 86.84 रहा। वहीं, विज्ञान, कला और वाणिज्य स्ट्रीम में उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में भी उत्तीर्ण दर 83 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स में मेघालय का स्कोर 2024 के 448 से बढ़कर 2026 में 525.71 हो गया है।

चुनौतियां और भविष्य की योजना

सुधारों के बावजूद, मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कई ग्रामीण स्कूलों में अभी भी बिजली, पीने के पानी, इंटरनेट कनेक्टिविटी, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और शिक्षकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग को इन कमियों को दूर करने के लिए स्कूल-वार एक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें समयसीमा और आवश्यक निधि का पूरा विवरण होगा। सरकार सीएम इम्पैक्ट प्लस कार्यक्रम के तहत 700 स्कूलों को वित्तीय सहायता भी दे रही है। इस मौके पर विधायक मेहताब चंदी ए. संगमा ने गारो हिल्स के ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थापित करने का आग्रह किया, ताकि छात्र कक्षा 10 के बाद अपनी पढ़ाई न छोड़ें।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →