कर्नाटक: धारदार पतंग के मांझे ने ली महिला की जान, सरकार ने दी आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी
कर्नाटक के हुबली में पतंग उड़ाने वाले धारदार मांझे से एक 38 वर्षीय महिला की जान चली गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि…
कर्नाटक के हुबली में पतंग उड़ाने वाले धारदार मांझे से एक 38 वर्षीय महिला की जान चली गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि सार्वजनिक सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डालने वालों पर आपराधिक आरोप भी लग सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने इस घटना को बेहद दुखद और अस्वीकार्य बताया है।
मृतका की पहचान हुबली निवासी विद्या मंजुनाथ गौडर के रूप में हुई है, जो पेशे से एक प्रयोगशाला तकनीशियन थीं। यह हादसा गुरुवार को तब हुआ जब वह हुबली के कारवार रोड पर स्कूटर से जा रही थीं। शिवशंकर कॉलोनी के पास कांच की परत चढ़ा एक मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे उनका गला कट गया और उनकी मौत हो गई।
सरकार का कड़ा रुख
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने एक बयान में कहा कि इस घटना ने एक निर्दोष परिवार को तबाह कर दिया है और यह प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल के घातक परिणामों को उजागर करता है। उन्होंने कहा, “मनोरंजन का कोई भी पल किसी इंसान की जिंदगी से बढ़कर नहीं हो सकता। कोई भी उत्सव किसी परिवार को जिंदगी भर के दुख में धकेलने का औचित्य नहीं हो सकता।” सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमों को और सख्त करने पर विचार करेगी।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी कदम
इस दुखद घटना के बाद कर्नाटक पुलिस ने हुबली-धारवाड़ क्षेत्र में कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस दुकानों और गोदामों में छापेमारी कर मांझे का स्टॉक जब्त कर रही है और व्यापारियों को प्रतिबंधित सामग्री न बेचने की चेतावनी दे रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद खतरनाक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें और सख्त बनाने के लिए संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दूसरों की जान जोखिम में डालना सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि एक आपराधिक कृत्य हो सकता है।
जनता से सहयोग की अपील
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल कानूनी कार्रवाई से ऐसी घटनाओं को रोकना संभव नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से सामूहिक जिम्मेदारी दिखाने और खतरनाक मांझे का इस्तेमाल न करने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी त्रासदियों को रोका जाए।” परमेश्वर ने इस बात पर जोर दिया कि पतंग उड़ाना मनोरंजन बना रहना चाहिए, इसे खतरनाक प्रतिस्पर्धा या जुए जैसी गतिविधियों में नहीं बदलना चाहिए, जिन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इनपुट: IANS



