मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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इंफाल 2029 तक रेल नेटवर्क से जुड़ेगा, दुनिया का सबसे ऊंचा पुल और देश की सबसे लंबी सुरंग बन रही

मणिपुर की राजधानी इंफाल को देश के बाकी हिस्सों से सीधे जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी जिरीबाम-इंफाल नई रेलवे लाइन परियोजना जून 2029 तक पूरी होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस परियोजना के…

इंफाल 2029 तक रेल नेटवर्क से जुड़ेगा, दुनिया का सबसे ऊंचा पुल और देश की सबसे लंबी सुरंग बन रही
(फोटो: IANS)

मणिपुर की राजधानी इंफाल को देश के बाकी हिस्सों से सीधे जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी जिरीबाम-इंफाल नई रेलवे लाइन परियोजना जून 2029 तक पूरी होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने पर इंफाल, पूर्वोत्तर की पांचवीं राजधानी बन जाएगा जो राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगी। वर्तमान में असम (गुवाहाटी के पास दिसपुर), त्रिपुरा (अगरतला), अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर) और मिजोरम (आइजोल) पहले से ही इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।

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लगभग 22,000 करोड़ रुपए की लागत से बन रही 111 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना इंजीनियरिंग के लिहाज़ से बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि यह पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से होकर गुज़रती है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके महत्व को देखते हुए 2008 में शुरू हुई इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया गया था।

इंजीनियरिंग की मिसाल: पुल और सुरंगें

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसके विशालकाय पुल और लंबी सुरंगें हैं। इसमें कुल 54 सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 66.47 किलोमीटर होगी। इन्हीं में से एक, 11.55 किलोमीटर लंबी सुरंग (टनल नंबर 12) भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग होगी, जो जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध पीर पंजाल सुरंग को भी पीछे छोड़ देगी।

इसके अलावा, परियोजना के तहत 15 बड़े और 116 छोटे पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें नोनी जिले में बन रहा पुल संख्या 164 विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस पुल का पियर (स्तंभ) 141 मीटर ऊंचा है, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्तंभ होगा और इसका निर्माण अपने अंतिम चरण में है।

परियोजना की प्रगति और निरीक्षण

हाल ही में, NFR (निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने जिरीबाम-खोंगसांग, खोंगसांग-आवांगखुल और आवांगखुल-इंफाल खंडों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, विशेषकर टनल नंबर 28 और टनल नंबर 12 की समीक्षा की और अधिकारियों को सुरक्षा, गुणवत्ता और समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारी के अनुसार, अक्टूबर 2026 में रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा खोंगसांग-आवांगखुल खंड का निरीक्षण किया जा सकता है।

कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगी नई रफ्तार

यह रेल लाइन मणिपुर के दक्षिणी असम की सीमा से लगे जिरीबाम को राजधानी इंफाल से जोड़ेगी। इस मार्ग पर कुल 11 रेलवे स्टेशन होंगे, जिनमें जिरीबाम, वांगाइचुंगपाओ, कंबिरोन हॉल्ट, थिंगौ, खोंगसांग, आवांगखुल, नोनी, तुपुल, हाओचोंग रोड हॉल्ट और इंफाल शामिल हैं। इस लाइन के शुरू होने से न केवल यात्रियों को तेज और विश्वसनीय परिवहन मिलेगा, बल्कि माल ढुलाई भी आसान होगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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