पुंछ: नियंत्रण रेखा के पास सेना को मिली बारूदी सुरंग, सुरक्षित तरीके से किया निष्क्रिय
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना ने एक बारूदी सुरंग का पता लगाकर उसे सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सुरंग गुरुवार को मेंढर…
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना ने एक बारूदी सुरंग का पता लगाकर उसे सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सुरंग गुरुवार को मेंढर सब-डिवीजन के बालाकोट फॉरवर्ड एरिया में एक नियमित गश्त के दौरान मिली थी।
सूचना मिलने पर सेना की बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची और विस्फोटक को बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। यह घटना कोई अकेली नहीं है, क्योंकि इसी महीने 5 अक्टूबर को भी मेंढर सेक्टर में ही बसूनी टॉप पर सीमा बाड़ के पास दो बारूदी सुरंगें मिली थीं, जिन्हें नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट किया गया था।
क्यों बिछाई जाती हैं ये सुरंगें?
नियंत्रण रेखा के पास के इलाकों में घुसपैठ को रोकने के लिए एक व्यवस्थित प्रणाली के तहत बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं। हालांकि, तेज बारिश और मौसमी बाढ़ के कारण ये अक्सर अपनी जगह से बहकर दूसरे स्थानों पर चली जाती हैं। कभी-कभी पहाड़ी इलाकों में जंगल की आग लगने से भी पुरानी या अपनी जगह से हटी हुई सुरंगों में अचानक विस्फोट हो सकता है।
आम नागरिकों के लिए चेतावनी
ये बहकर आई बारूदी सुरंगें सीमा पर गश्त करने वाले सुरक्षा बलों और आसपास रहने वाले आम नागरिकों, खासकर किसानों और मवेशी चराने वाले बच्चों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती हैं। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को किसी भी अनजान, बहकर आई या संदिग्ध धातु की वस्तु को न छूने की सख्त सलाह दी है।
प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाते हैं। हाल ही में बालाकोट की जीरो लाइन पर हुई पुलिस कम्युनिटी पार्टनरशिप ग्रुप (पीसीपीजी) की बैठक में ग्रामीणों को ऐसी संदिग्ध वस्तुओं से निपटने के तरीके बताए गए थे। अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी असामान्य चीज दिखने पर तुरंत नजदीकी सुरक्षा चौकी या पुलिस आउटपोस्ट को सूचित किया जाए, ताकि विशेषज्ञ टीम उसे संभाल सके। घुसपैठ के खतरों को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है और ड्रोन निगरानी के साथ-साथ जंगली इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।
इनपुट: IANS



