मणिपुर: कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों का हमला, एक महिला की मौत, दो लोग लापता
मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार शाम को हुई एक हिंसक घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक अधेड़ कुकी आदिवासी महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हमले के बाद दो अन्य…
मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार शाम को हुई एक हिंसक घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक अधेड़ कुकी आदिवासी महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हमले के बाद दो अन्य नागरिक लापता भी बताए जा रहे हैं। यह घटना उस वक्त हुई जब चार लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर आवश्यक सामान खरीदने के लिए फाइकोह जा रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से बताया कि हमला फाइकोह और मोलवैलुप गांवों के बीच हुआ। मृतक महिला की पहचान हटनेमकिम हाओकिप के रूप में की गई है, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले में महिला का पति बाल-बाल बच गया। घटना के बाद से लापता हुए दो अन्य लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
तलाशी अभियान और संगठनों की निंदा
सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर लापता लोगों को खोजने के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस बीच, कुकी इनपी मणिपुर (केआईएम) सहित कई नागरिक समाज संगठनों ने इस नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की है।
केआईएम ने एक बयान जारी कर हमले का आरोप नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक-मुइवा) पर लगाया है। संगठन के सूचना एवं प्रचार सचिव जांघाओलन हाओकिप ने कहा, "इस संगठन ने बार-बार निहत्थे नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया है।" उन्होंने इस कृत्य को मानवीय सिद्धांतों का घोर उल्लंघन बताते हुए कहा कि कमजोर नागरिकों पर ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं।
सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग
संगठन ने राज्य और केंद्र सरकारों को कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण उग्रवादी समूह बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। जांघाओलन हाओकिप ने मांग की कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने और लापता नागरिकों का पता लगाने के लिए तत्काल एक बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल आश्वासन काफी नहीं है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और लापता लोगों को खोजने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो इससे जन अशांति और तनाव बढ़ सकता है।
इनपुट: IANS



