KPSC भर्ती घोटाला: IAS ज्ञानेंद्र कुमार कोर्ट में होंगे पेश, भाजपा नेता के घर पर CID की छापेमारी
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले की जाँच कर रही CID ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए IAS अधिकारी और KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार को सोमवार को…
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले की जाँच कर रही CID ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए IAS अधिकारी और KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार को सोमवार को बेंगलुरु की एक अदालत में पेश किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जाँच एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए कुमार की 14 दिनों की हिरासत की माँग कर सकती है।
ज्ञानेंद्र कुमार को पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में दो दिनों की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद बेंगलुरु की फर्स्ट एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJEM) कोर्ट ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था और 31 अगस्त को खुली अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।
जाँच के केंद्र में OMR शीट से छेड़छाड़
CID की जाँच मुख्य रूप से OMR उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर, मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितताओं और उम्मीदवारों की भर्ती में अधिकारियों व बिचौलियों की कथित भूमिका पर केंद्रित है। बताया जा रहा है कि 28 और 29 अगस्त को कुमार से देर रात तक पूछताछ की गई। अधिकारी उनके बयानों में विसंगतियों और OMR शीट से छेड़छाड़ में उनकी भूमिका की ओर इशारा करने वाले सबूतों की पड़ताल कर रहे हैं।
जाँच का दायरा पिछले तीन वर्षों में आयोजित चार भर्ती परीक्षाओं तक फैला हुआ है, जिनमें ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग, उद्योग और वाणिज्य विभाग तथा पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा शामिल हैं। जाँच KPSC के पूर्व चेयरमैन शिवशंकरप्पा साहूकार और आयोग से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुँच सकती है।
भाजपा नेता भी जाँच के घेरे में
इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, CID ने बीदर जिले के भल्की तालुक स्थित डोनागापुरा गाँव में भाजपा नेता बसवराज कन्नाले के घर पर तलाशी ली। कन्नाले को रविवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। जाँचकर्ता भर्ती प्रक्रिया में एक बिचौलिए के तौर पर उनकी कथित भूमिका और उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी दिलाने में उनकी संदिग्ध संलिप्तता की जाँच कर रहे हैं।
बसवराज कन्नाले को पूर्व उपमुख्यमंत्री सी.एन. अश्वथ नारायण का करीबी माना जाता है और वह भल्की विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट भी चाहते थे। उनके घर पर हुई छापेमारी को भर्ती नेटवर्क और बिचौलियों की भूमिका के बारे में और सबूत इकट्ठा करने की एजेंसी की कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



