कोलकाता: चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद मूर्ति विसर्जन पर अनिश्चितता के बादल
कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में पिछले सप्ताह हुई घातक भगदड़ के बाद अब प्रतिमा विसर्जन को लेकर गंभीर अनिश्चितता बनी हुई है। विजयादशमी पर जहाँ शहर भर में विसर्जन शुरू हो गया, वहीं इस…
कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में पिछले सप्ताह हुई घातक भगदड़ के बाद अब प्रतिमा विसर्जन को लेकर गंभीर अनिश्चितता बनी हुई है। विजयादशमी पर जहाँ शहर भर में विसर्जन शुरू हो गया, वहीं इस पंडाल में दुर्गा प्रतिमाएं यथावत हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसके पीछे प्रशासनिक जांच और आयोजकों की अनुपस्थिति जैसे कई बड़े कारण हैं।
इस त्रासदी में 19 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जांच पूरी होने तक पंडाल के अंदर किसी भी वस्तु को छूने या हटाने पर रोक लगा दी गई है, जिसमें मूर्तियाँ भी शामिल हैं। चूँकि बिना मूर्तियों को हटाए विसर्जन संभव नहीं है, इसलिए यह प्रक्रिया जांच पूरी होने तक रुकी हुई है। हालांकि, बुधवार दोपहर को देवी दुर्गा के प्रतीक, पवित्र कलश का प्रतीकात्मक विसर्जन संपन्न कर लिया गया।
प्रशासनिक जांच और आयोजकों की गिरफ्तारी
इस मामले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) पहले ही गठित की जा चुकी है। इसके अलावा, कलकत्ता हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग भी अलग से जांच करेगा।
दूसरी बड़ी वजह 17 अक्टूबर की रात हुई भगदड़ के बाद से पूजा आयोजकों का लगभग पूरी तरह से गायब हो जाना है। चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा समिति के उपाध्यक्ष शांतनु दुबे और सचिव राज कुमार सेवड़ा (उर्फ राजा) को पुलिस ने 18 अक्टूबर की सुबह गिरफ्तार कर लिया था और वे तब से जेल में हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समिति के अन्य प्रमुख सदस्य भी शेष पूजा के दिनों में पंडाल के पास नहीं दिखे। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर प्रशासन विसर्जन की अनुमति दे भी देता है, तो इस प्रक्रिया का आयोजन कौन करेगा?
सरकार द्वारा मुआवज़े की घोषणा
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने त्रासदी के पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए और घायलों को 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। मंगलवार से मुख्यमंत्री स्वयं मृतकों के परिवारों से मिलकर उन्हें मुआवजे के चेक सौंप रहे थे।
इनपुट: IANS



