कोलकाता में बड़ा सिम कार्ड फ्रॉड: फर्जी कॉल सेंटर चला रहे 7 लोग गिरफ्तार, अब तक 11 गिरफ्त में
कोलकाता में पुलिस ने एक बड़े सिम कार्ड धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सात निवासी भी शामिल हैं…
कोलकाता में पुलिस ने एक बड़े सिम कार्ड धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सात निवासी भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ये लोग साल्ट लेक के एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे और लोन कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करते थे।
पुलिस ने इन सात लोगों को साल्ट लेक स्थित ठिकाने से गिरफ्तार किया, जहाँ से वे अपना रैकेट चला रहे थे। जांच में पता चला कि 'सुंदर' नाम का एक व्यक्ति इन सातों को पश्चिम बंगाल लेकर आया था। पुलिस ने मौके से कई स्मार्टफोन और कीपैड फोन भी बरामद किए हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन फोनों में अलग-अलग समय पर फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
साइबर सेल के मुताबिक, यह गिरोह पहले अलग-अलग लोगों से दस्तावेज इकट्ठा करता था, फिर उन्हें जाली बनाकर उनके नाम पर सिम कार्ड हासिल कर लेता था। आरोपी "तौसीफ टेलीकॉम" और ऐसे ही अन्य फर्जी नामों की आड़ में काम कर रहे थे। पुलिस को शक है कि इस रैकेट ने पीड़ितों से लाखों रुपये की ठगी और वसूली की है।
कैसे हुई मामले की शुरुआत?
इस पूरे मामले की जांच नारकेलडांगा थाने में सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद अब्बासुद्दीन बिस्वास द्वारा दर्ज कराई गई एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले 17 सितंबर को नारकेलडांगा निवासी तौसीफ आलम को गिरफ्तार किया। उससे हुई पूछताछ के बाद ही इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं। इसके बाद पुलिस ने तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया और शनिवार को सात अन्य लोगों को दबोच लिया, जिससे गिरफ्तारियों की कुल संख्या 11 हो गई है।
इनपुट: IANS



