पंजाबी इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड: अहमदाबाद से मुख्य शूटर गिरफ्तार, गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़े तार
पंजाब के अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता मिली है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड में शामिल मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर…
पंजाब के अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता मिली है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड में शामिल मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने न सिर्फ गोली चलाई थी, बल्कि हमले में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल का भी इंतजाम किया था। इस गिरफ्तारी से मामले में विदेशी फंडिंग और गोल्डी ढिल्लों गैंग के साथ संबंधों का भी खुलासा हुआ है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान परमिंदर प्रसाद उर्फ परमिंदर काका के रूप में हुई है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजियन ने पुष्टि करते हुए IANS को बताया, "उसकी भूमिका शूटर की है। उसने गोली चलाई और बाइक का भी इंतजाम किया।" यह गिरफ्तारी पंजाब और गुजरात पुलिस के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है। अमृतसर पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने परमिंदर को शहर से हिरासत में लिया।
हत्याकांड और अब तक की जांच
मैड संधू, जिनका असली नाम मधुसूदन संधू था, की 3 अक्टूबर को अमृतसर के लोहारका रोड पर एक कार वॉश सेंटर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। संधू को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
अमृतसर के कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुरू में कॉन्ट्रैक्ट-किलिंग के एंगल से जांच करते हुए इलाके से सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दो लोगों को हिरासत में भी लिया था। अब इस ताजा गिरफ्तारी से जांचकर्ताओं को हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कौन थे मैड संधू?
29 वर्षीय मैड संधू सोशल मीडिया पर एक लोकप्रिय चेहरा थे। इंस्टाग्राम पर उनके दो लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। वह एक मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर जाने जाते थे और अपने पॉडकास्ट व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मेकअप और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करते थे। उन्होंने पंजाबी फिल्म 'ओये भोले ओये' में भी काम किया था। हत्या के बाद विदेश में बैठे गैंगस्टर्स से जुड़े कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी जिम्मेदारी ली गई थी, हालांकि पंजाब पुलिस ने तब उन पोस्टों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की थी।
इनपुट: IANS



