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केरल में नए श्रम संहिता नियम: सरकार ने ट्रेड यूनियनों से सलाह के लिए बनाई विशेष समिति

केरल सरकार ने केंद्र द्वारा लाए गए 'लेबर कोड' को राज्य में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अंतिम नियम बनाने से पहले सभी ट्रेड यूनियनों से विस्तृत चर्चा करने का निर्णय लिया है। समाचार…

केरल में नए श्रम संहिता नियम: सरकार ने ट्रेड यूनियनों से सलाह के लिए बनाई विशेष समिति
(फोटो: IANS)

केरल सरकार ने केंद्र द्वारा लाए गए 'लेबर कोड' को राज्य में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अंतिम नियम बनाने से पहले सभी ट्रेड यूनियनों से विस्तृत चर्चा करने का निर्णय लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के समन्वय और सुझावों के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसे 10 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपनी होंगी।

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यह अहम फैसला गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा के साथ-साथ 22 विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे। सरकार का लक्ष्य है कि कानून के दायरे में रहते हुए ऐसे नियम बनाए जाएं, जो श्रमिकों के हितों की रक्षा करें और उनकी चिंताओं का समाधान करें।

समिति का स्वरूप और कार्य

इस विशेष समिति का गठन श्रम विभाग के सचिव करेंगे, जिसमें विधि विभाग के अतिरिक्त सचिव भी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। इसके अलावा, समिति में श्रम विभाग के अधिकारी और अलग-अलग ट्रेड यूनियनों के सात प्रतिनिधि भी रहेंगे। समिति का मुख्य कार्य 'लेबर कोड' के तहत केरल के लिए व्यावहारिक नियमों का मसौदा तैयार करने हेतु सुझाव देना है।

समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद, मसौदे को सभी ट्रेड यूनियनों के साथ साझा किया जाएगा। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिन यूनियनों का समिति में प्रतिनिधित्व नहीं है, उन्हें भी बैठकों में शामिल होकर अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यूनियनों को 2021 में तैयार किए गए पिछले मसौदे में संशोधन का सुझाव देने का मौका भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री का आश्वासन और आगे की राह

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सरकार श्रमिकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "सरकार सभी हितधारकों की राय सुनने और कानूनी रूप से संभव विकल्पों की जांच करने के बाद ही इन्हें लागू करने के बारे में अंतिम निर्णय लेगी।" उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि केरल द्वारा बनाए गए नियम देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल साबित होंगे।

बैठक में 'लेबर कोड' के प्रावधानों को लागू करने के लिए तय की गई सीमा (threshold) का मुद्दा भी उठा। इस पर यह सहमति बनी कि इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा और सीमा को कम करने का आग्रह किया जाएगा। सभी ट्रेड यूनियनों ने श्रमिकों के हितों की रक्षा की आवश्यकता पर एकजुटता दिखाई। समिति की रिपोर्ट और यूनियनों के सुझावों पर विचार करने के बाद ही राज्य के अंतिम नियमों को प्रकाशित किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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