योजना बोर्ड परीक्षा धोखाधड़ी: केरल PSC अध्यक्ष को क्राइम ब्रांच ने फिर भेजा समन, जांच में सहयोग न करने पर HC जाने की चेतावनी
केरल लोक सेवा आयोग (PSC) के अध्यक्ष एम.आर. बैजू को योजना बोर्ड परीक्षा में हुई कथित धोखाधड़ी के मामले में एक बार फिर तलब किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम…
केरल लोक सेवा आयोग (PSC) के अध्यक्ष एम.आर. बैजू को योजना बोर्ड परीक्षा में हुई कथित धोखाधड़ी के मामले में एक बार फिर तलब किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) ने उन्हें मंगलवार को पेश होने के लिए एक नया नोटिस जारी किया है। यदि बैजू इस बार पेश होते हैं, तो यह दूसरी बार होगा जब एसआईटी उनसे पूछताछ करेगी।
यह मामला पीएससी अध्यक्ष द्वारा लिए गए कुछ कथित एकतरफा फैसलों से जुड़ा है, जिनके कारण परीक्षा के संचालन और मूल्यांकन में अनियमितताएं होने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले, बैजू ने यह कहते हुए पूछताछ के लिए पेश होने से इनकार कर दिया था कि वह केरल हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद ही ऐसा करेंगे, जहाँ यह मामला लंबित है।
जांच पर कोई रोक नहीं: एसआईटी
एसआईटी का कहना है कि हाईकोर्ट ने न तो जांच पर रोक लगाई है और न ही एजेंसी को अध्यक्ष से पूछताछ करने से रोका है। टीम ने स्पष्ट किया है कि अदालत ने निर्देश दिया था कि जांच को अनिश्चित काल तक टाला नहीं जाना चाहिए। नवीनतम नोटिस के अनुसार, बैजू को मंगलवार को क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। एसआईटी ने यह भी संकेत दिया है कि अगर वह इस बार भी समन का पालन नहीं करते हैं, तो वह इस मामले की सूचना हाईकोर्ट को दे सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस जांच में पीएससी के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके अतिरिक्त सचिव आर. हरि ने जांचकर्ताओं को बताया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया से 10 प्रश्न हटाने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। हरि के अनुसार, मूल्यांकन की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त उप सचिव सतीश की थी और उन्हें प्रश्न हटाए जाने की जानकारी नहीं थी। हालांकि, क्राइम ब्रांच उनके इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है।
जांच टीम को संदेह है कि इन अनियमितताओं की जड़ में अध्यक्ष के एकतरफा फैसले थे। पीएससी के अन्य सदस्यों के बयानों से भी यह संकेत मिला है कि प्रश्न तैयार करने वाले पैनल और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले लोगों का चयन बैजू ने खुद किया था। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि अध्यक्ष ने परीक्षा प्रक्रिया में एकतरफा हस्तक्षेप किया था।
इनपुट: IANS



