केरल: विधायकों और मंत्रियों की तनख्वाह में भारी बढ़ोतरी, BJP MLA ने अतिरिक्त वेतन लेने से किया इनकार
केरल विधानसभा ने गुरुवार को मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्तों में वृद्धि से जुड़े एक विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी के बाद अब…
केरल विधानसभा ने गुरुवार को मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्तों में वृद्धि से जुड़े एक विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी के बाद अब विधायकों का कुल मासिक वेतन और भत्ता 70,000 रुपये से बढ़कर 98,000 रुपये हो जाएगा। वहीं, मंत्रियों का वेतन 1 लाख रुपये से बढ़कर 1.33 लाख रुपये हो गया है।
हालांकि, इस वेतन वृद्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने असहमति जताई है। नेमोम से विधायक राजीव चंद्रशेखर ने घोषणा की है कि वे बढ़ा हुआ वेतन स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने एक प्रेस बयान में कहा कि राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह फैसला अनुचित है। उन्होंने कहा, “विधायक के रूप में मिलने वाला उनका पूरा वेतन और भत्ता नेमोम क्षेत्र के गरीब लोगों के कल्याण पर खर्च किया जाएगा।”
वेतन वृद्धि और विरोध का कारण
चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि जब आशा कार्यकर्ता और लोक सेवा आयोग के नौकरी अभ्यर्थी अपनी मांगों के लिए इंतजार कर रहे हैं, तब सरकार अपने वेतन कैसे बढ़ा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली पिनाराई विजयन सरकार और वर्तमान वीडी सतीशन सरकार के बीच जनता के हितों के खिलाफ नीतियां अपनाने में कोई अंतर नहीं है।
यह बढ़ोतरी 2018 के बाद पहली बार की गई है। राज्य सरकार ने 2022 में प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए वेतन संशोधन का प्रस्ताव टाल दिया था। लेकिन, इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सदस्यों ने वेतन वृद्धि की मांग की, जिसके कारण यह विधेयक बिना किसी विरोध के पास हो गया।
भत्तों में भी हुई वृद्धि
संशोधित प्रावधानों के तहत विधायकों के कई भत्तों में भी इजाफा किया गया है।
- निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये प्रतिमाह
- यात्रा भत्ता: 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह
- वार्षिक हवाई यात्रा भत्ता: 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये
विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने विधेयक पारित होने पर सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि कई विधायकों ने बढ़ते खर्चों के कारण हो रही कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने प्रत्येक विधायक को एक अतिरिक्त निजी सहायक देने की मांग भी उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
इनपुट: IANS



