मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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केरल: यौन शोषण, भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों से घिरी सीपीएम, विधानसभा सत्र से पहले बढ़ी मुश्किलें

केरल में सत्ताधारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) - सीपीएम एक के बाद एक कई गंभीर विवादों में घिर गई है, जिससे पार्टी पर राजनीतिक दबाव काफी बढ़ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर यौन…

केरल: यौन शोषण, भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों से घिरी सीपीएम, विधानसभा सत्र से पहले बढ़ी मुश्किलें
(फोटो: IANS)

केरल में सत्ताधारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) - सीपीएम एक के बाद एक कई गंभीर विवादों में घिर गई है, जिससे पार्टी पर राजनीतिक दबाव काफी बढ़ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर यौन दुर्व्यवहार से लेकर भ्रष्टाचार और रिश्वत मांगने तक के आरोप लगे हैं, जिसने पार्टी के आंतरिक नियंत्रण और नेताओं के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों ने पार्टी को ऐसे समय में मुश्किल में डाला है जब इस सप्ताह के अंत में नौ दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है।

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पलक्कड़ में यौन उत्पीड़न का आरोप

ताज़ा विवाद पलक्कड़ जिले से सामने आया है, जहाँ पार्टी ने रविवार को अचानक जिला सचिव ईएन सुरेश बाबू को पद से हटा दिया। इसके तुरंत बाद, पार्टी की ही एक महिला कार्यकर्ता ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि महिला ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को सुरेश बाबू के खिलाफ मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग सहित कई डिजिटल सबूत सौंपे हैं। आरोपों के अनुसार, सुरेश बाबू लंबे समय से उन्हें परेशान कर रहे थे और उनके साथ अनुचित व्यवहार करते थे। पद से हटने के बाद सुरेश बाबू ने इसका कारण निजी बताया है।

कोच्चि में भ्रष्टाचार का मामला

इससे पहले, सीपीएम के राज्य सचिवालय सदस्य और ग्रेटर कोचीन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GCDA) के पूर्व चेयरमैन सीएन मोहनन का नाम एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले में सामने आया था। मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की सरकार ने कोच्चि के मुंडमवेली फ्लैट कॉम्प्लेक्स के निर्माण में कथित अनियमितताओं की सतर्कता (विजिलेंस) जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि बनने के दो साल के भीतर ही फ्लैटों की हालत इतनी खराब हो गई कि 78 परिवार बेहद बुरे हालात में रहने को मजबूर हैं। मुवत्तुपुझा विजिलेंस कोर्ट ने इस मामले में 22 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

इस प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य गंभीर आरोप भी हैं। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, जिस जमीन पर यह कॉम्प्लेक्स बना है, वह दलदली भूमि के रूप में वर्गीकृत है और हाई-टेंशन बिजली लाइन के नीचे स्थित है। बताया जाता है कि इस जगह का प्रस्ताव खुद मोहनन ने ही दिया था।

तिरुवनंतपुरम में रिश्वत का आरोप

उधर राजधानी तिरुवनंतपुरम में, पार्टी के एक निगम पार्षद एस. अजिन पर 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। तिरुमाला के रहने वाले संजू नामक व्यक्ति ने ऑडियो और वीडियो क्लिप जारी कर यह आरोप लगाया कि पार्षद ने त्रिकन्नपुरम वार्ड में एक जमीन से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए उनसे पैसे मांगे थे। पार्टी के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने पुष्टि की है कि इन आरोपों की आंतरिक जांच की जाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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