सऊदी अरब में फंसे 600 से ज़्यादा कर्नाटक तीर्थयात्री, मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री से मांगी तत्काल मदद
मध्य पूर्व में तनावपूर्ण सुरक्षा स्थिति के बीच सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना में 600 से अधिक भारतीय उमराह तीर्थयात्री फंस गए हैं। इनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कर्नाटक के…
मध्य पूर्व में तनावपूर्ण सुरक्षा स्थिति के बीच सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना में 600 से अधिक भारतीय उमराह तीर्थयात्री फंस गए हैं। इनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु और भारत के अन्य हिस्सों के लिए उड़ानें निलंबित होने से यह संकट पैदा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में तीर्थयात्रियों की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कई लोगों के पैसे खत्म हो चुके हैं और वे भोजन तथा आवास जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस स्थिति ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से मुश्किल में डाल दिया है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव और होटल से निकाले जाने का खतरा
इस मामले की जानकारी कर्नाटक राज्य हज समिति के अध्यक्ष और उनकी टीम ने भी दी है, जो हाल ही में इन पवित्र शहरों का दौरा करके लौटे हैं। उनके अनुसार, कई तीर्थयात्री गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, होटल प्रबंधन भी तीर्थयात्रियों पर कमरे खाली करने का दबाव बना रहे हैं, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय और कर्नाटक के स्वयंसेवी संगठनों द्वारा दी जा रही मदद इन प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है।
विदेश मंत्रालय से विशेष उड़ानों की अपील
इस मानवीय संकट को देखते हुए, डी.के. शिवकुमार ने विदेश मंत्री से आग्रह किया है कि वे रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दा में भारतीय वाणिज्य दूतावास को तत्काल सक्रिय करें। उन्होंने कहा कि दूतावासों को सऊदी अधिकारियों, एयरलाइंस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर फंसे हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने विदेश मंत्रालय से यह भी अनुरोध किया कि आवश्यकता पड़ने पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जब तक सभी तीर्थयात्री भारत वापस नहीं आ जाते, तब तक उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जानी चाहिए। शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है और इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इनपुट: IANS



