सौजन्या मामला: SIT अधिकारी ने जांच से हटने की मांग की, गृह मंत्री बोले- न्याय दिलाना ही मकसद
कर्नाटक के चर्चित सौजन्या बलात्कार और हत्या मामले की नए सिरे से जांच के लिए बनी विशेष जांच दल (SIT) में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने खुद को टीम से हटाने का अनुरोध किया है। समाचार एजेंसी IANS के…
कर्नाटक के चर्चित सौजन्या बलात्कार और हत्या मामले की नए सिरे से जांच के लिए बनी विशेष जांच दल (SIT) में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने खुद को टीम से हटाने का अनुरोध किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बेंगलुरु ग्रामीण के एएसपी वेंकटेश प्रसन्ना ने यह कदम तब उठाया जब कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और सौजन्या के परिवार ने उनकी नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी।
यह घटनाक्रम 2012 के इस संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 24 सितंबर को गठित पांच सदस्यीय एसआईटी के बाद सामने आया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य सौजन्या के परिवार को न्याय दिलाना है और वह किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती।
सरकार का आश्वासन और जांच का भविष्य
खड़गे ने स्पष्ट किया कि SIT का गठन नेक इरादे से किया गया था। उन्होंने कहा, “हमारी किसी के खिलाफ बुरी मंशा नहीं है और न ही किसी को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा है। एसआईटी के गठन के बाद कुछ लोगों, खासकर परिवार के सदस्यों ने आपत्तियां जताई हैं। यह बात मेरे संज्ञान में लाई गई है।”
गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य मामले को उसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाना, सच्चाई को उजागर करना और न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जनता और परिवार को कुछ अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर आपत्ति है, तो सरकार उस पर विचार करने के लिए तैयार है। खड़गे ने कहा, “इस मामले में हमारा कोई कठोर रुख नहीं है। हम उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकते। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई करेंगे।”
क्या है SIT की संरचना?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कर्नाटक सरकार द्वारा गठित इस एसआईटी की अध्यक्षता आईजीपी एन. शशिकुमार कर रहे हैं। टीम में मंगलुरु सिटी के पुलिस आयुक्त सी.एच. सुधीर कुमार रेड्डी, इंटेलिजेंस एसपी निशा जेम्स, सीआईडी एसपी लोकेश जगलसर और एएसपी वेंकटेश प्रसन्ना शामिल हैं। एसआईटी को अपनी जांच पूरी कर तीन महीने के भीतर सक्षम अदालत में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
इनपुट: IANS



