मेकेदातु समेत कई अहम जल परियोजनाओं पर कर्नाटक ने माँगा केंद्र का सहयोग, सीएम शिवकुमार ने की केंद्रीय मंत्री से मुलाक़ात
कर्नाटक की कई महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजनाएँ केंद्रीय मंजूरी के इंतज़ार में हैं, जिनमें 16,745 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी मेकेदातु संतुलन जलाशय एवं पेयजल परियोजना भी शामिल है। इसी सिलसिले में…
कर्नाटक की कई महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजनाएँ केंद्रीय मंजूरी के इंतज़ार में हैं, जिनमें 16,745 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी मेकेदातु संतुलन जलाशय एवं पेयजल परियोजना भी शामिल है। इसी सिलसिले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात कर इन परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शिवकुमार ने सोमवार को पाटिल के आवास पर व्यक्तिगत रूप से एक पत्र सौंपकर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पेयजल, सिंचाई और सूखा राहत से जुड़ी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इन परियोजनाओं पर समय पर निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय जल आयोग (CWC) से मेकेदातु परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का मूल्यांकन जल्द पूरा करने की मांग की, जिसे कर्नाटक ने 13 अगस्त, 2026 को अपनी अनुपालन रिपोर्ट के साथ जमा किया था।
कृष्णा जल विवाद और ऊपरी भद्रा परियोजना
इस मुलाकात के दौरान कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण-द्वितीय (KWDT-II) के फैसले का मुद्दा भी उठा। शिवकुमार ने जल शक्ति मंत्रालय से आग्रह किया कि वह इस फैसले को राजपत्र में जल्द प्रकाशित करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करे। उन्होंने बताया कि यह मामला 4 नवंबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। उन्होंने ज़ोर दिया कि आवंटन की शीघ्र अधिसूचना से कर्नाटक को अपने हिस्से के पानी का उपयोग करने और सिंचाई परियोजनाएं शुरू करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 21,167.93 करोड़ रुपये की संशोधित लागत वाली ऊपरी भद्रा परियोजना के लिए भी केंद्र से सहायता मांगी। इस परियोजना का मूल्यांकन जल शक्ति मंत्रालय की सलाहकार समिति द्वारा 20 मार्च, 2026 को किया गया था।
वित्तीय सहायता और अन्य प्रस्ताव
डी. के. शिवकुमार ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि 16वें वित्त आयोग को इस परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) में शामिल करने की सिफ़ारिश की जाए। साथ ही, केंद्रीय बजट 2023-24 में घोषित केंद्रीय सहायता को भी जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया। कर्नाटक ने PMKSY और बाढ़ प्रबंधन एवं सीमावर्ती क्षेत्र कार्यक्रम (FBMAP) के तहत सिंचाई विकास, आधुनिकीकरण और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित अन्य प्रस्ताव भी केंद्र को सौंपे हैं।
इनपुट: IANS



