गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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सौजन्या रेप-हत्या मामला: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कर्नाटक सरकार ने बनाई SIT, तीन महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, कर्नाटक सरकार ने 2012 के चर्चित सौजन्या बलात्कार और हत्या मामले की नए सिरे से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आईपीएस…

सौजन्या रेप-हत्या मामला: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कर्नाटक सरकार ने बनाई SIT, तीन महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट
(फोटो: IANS)

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, कर्नाटक सरकार ने 2012 के चर्चित सौजन्या बलात्कार और हत्या मामले की नए सिरे से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आईपीएस अधिकारी एन. शशिकुमार को इस नई SIT का प्रमुख नियुक्त किया गया है। टीम को तीन महीने के भीतर अपनी जांच पूरी कर संबंधित अदालत में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

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यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा 21 सितंबर 2026 को दिए गए उस फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें मामले की पूरी तरह से नई जांच का आदेश दिया गया था। जस्टिस संजय कुमार और संजीव सचदेवा की पीठ ने कर्नाटक सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि पहले इस मामले की जांच में शामिल रहे किसी भी अधिकारी को नई एसआईटी में जगह न दी जाए।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला अक्टूबर 2012 का है, जब मंगलुरु जिले के बेल्थंगडी तालुक में उजिरे के एसडीएम कॉलेज की 17 वर्षीय छात्रा सौजन्या कॉलेज से घर लौटते समय लापता हो गई थीं। उनके परिवार ने 9 अक्टूबर 2012 को बेल्थंगडी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

अगले ही दिन, सौजन्या का शव मन्नासांका के पास झाड़ियों से बरामद हुआ, जिसके बाद मामले में बलात्कार और हत्या की धाराएं जोड़ी गईं। इस मामले की जांच शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने की, लेकिन बाद में इसे कर्नाटक सीआईडी और फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया।

पहले की जांच और अदालत का फैसला

जांच के बाद पुलिस ने संतोष राव को इस मामले का एकमात्र आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया और उस पर मुकदमा चलाया। हालांकि, एक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, जून 2023 में सीबीआई की विशेष अदालत ने संतोष राव को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अदालत का मानना था कि अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा।

सीबीआई ने बाद में इस फैसले को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच एक नए सिरे से शुरू होगी। नई SIT टीम में एन. शशिकुमार के अलावा सीके सुधीर कुमार रेड्डी, निखिला जेम्स, लोकेश जगलासर और वेंकटेश प्रसन्ना शामिल हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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