बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
देश

कर्नाटक मतदाता सूची: विशेष पुनरीक्षण में करीब एक करोड़ नाम हटे, अब 4.55 करोड़ मतदाता

कर्नाटक में मतदाता सूचियों के एक बड़े पुनरीक्षण के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिसमें लगभग एक करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस विशेष गहन पुनरीक्षण…

कर्नाटक मतदाता सूची: विशेष पुनरीक्षण में करीब एक करोड़ नाम हटे, अब 4.55 करोड़ मतदाता
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में मतदाता सूचियों के एक बड़े पुनरीक्षण के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिसमें लगभग एक करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के बाद अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 4,55,00,011 रह गई है, जबकि प्रक्रिया शुरू होने से पहले यह आंकड़ा 5,54,32,314 था।

विज्ञापन

मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 99.32 लाख से अधिक नाम विभिन्न कारणों से सूची से हटाए गए हैं। इस व्यापक कवायद में घर-घर जाकर सत्यापन से लेकर दावों और आपत्तियों के निपटारे तक कई चरण शामिल थे। यह पुनरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया, जिसमें 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि माना गया था।

मतदाता सूची का नया स्वरूप

अंतिम सूची के अनुसार, कर्नाटक में अब 2,29,12,355 महिला मतदाता, 2,25,40,493 पुरुष मतदाता और 2,841 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। इसके अलावा, राज्य में 44,322 सेवा मतदाता (सर्विस वोटर) भी पंजीकृत हैं। सूची में 18-19 वर्ष के 6,83,364 युवा मतदाता भी शामिल किए गए हैं, जिनमें 3,64,551 पुरुष, 3,18,795 महिलाएं और 18 तृतीय लिंग के युवा शामिल हैं।

क्यों हटाए गए 99 लाख से अधिक नाम?

पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान लगभग 1.07 करोड़ मतदाताओं (कुल का 19.48%) ने अपने गणना फॉर्म जमा नहीं किए थे। सीईओ कार्यालय ने इन्हें 'अनुपस्थित', 'स्थायी रूप से स्थानांतरित', 'मृत' या 'दोहरी प्रविष्टि' जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया।

इनमें मुख्य श्रेणियां इस प्रकार थीं:

  • स्थायी रूप से स्थानांतरित: 65,45,679 (11.81%)
  • अनुपस्थित: 19,00,926 (3.43%)
  • मृत: 16,39,864 (2.96%)
  • दोहरी प्रविष्टियां: 7,09,870 (1.28%)

दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया में 43 लाख से ज़्यादा नोटिस जारी किए गए और उन पर सुनवाई हुई, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिए गए। इस दौरान कुल 61,867 मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए अयोग्य भी पाया गया।

अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े

नई मतदाता सूची में 5,65,340 दिव्यांग मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 3,92,134 वरिष्ठ नागरिक मतदाता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 3,252 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) मतदाता भी पंजीकृत हैं। सीईओ कार्यालय ने बताया है कि अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां राजनीतिक दलों को दे दी गई हैं और सूची को लगातार अपडेट करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। नागरिक अभी भी नाम जोड़ने, सुधार करने या अन्य बदलावों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →