चक्रवात 'अर्नब' के बाद आंध्र प्रदेश में बिजली संकट, मदद के लिए कर्नाटक ने भेजे 500 कर्मी और विशेष वाहन
चक्रवात 'अर्नब' से बुरी तरह प्रभावित आंध्र प्रदेश में बिजली व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए कर्नाटक सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार की अपील के…
चक्रवात 'अर्नब' से बुरी तरह प्रभावित आंध्र प्रदेश में बिजली व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए कर्नाटक सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार की अपील के बाद कर्नाटक ने 500 प्रशिक्षित बिजलीकर्मियों और भारी उपकरणों की एक बड़ी टीम को प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात कर इस मुश्किल घड़ी में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "कर्नाटक आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। बिजली एक आवश्यक सेवा है और आपदा से प्रभावित लोगों की भलाई के लिए इसकी जल्द बहाली बेहद जरूरी है।"
मदद में क्या-क्या भेजा गया?
यह पूरी सहायता कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज की देखरेख में भेजी जा रही है। भेजी गई टीम में 500 प्रशिक्षित लाइनमैन (पॉवरमैन) शामिल हैं। इसके साथ ही, क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों और तारों की मरम्मत के काम में तेजी लाने के लिए 15 पालफिंगर ट्रक (जो क्रेन और अर्थ ऑगर मशीनों से लैस हैं) और 25 ट्रैक्टर-माउंटेड ड्रिलिंग मशीनें भी भेजी गई हैं। इन वाहनों के साथ उनके चालक और ऑपरेटर भी मौजूद रहेंगे।
कैसे काम करेगी यह टीम?
जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर को रवाना हुई यह टीम आधी रात तक आंध्र प्रदेश पहुंच जाएगी। कर्नाटक ने बेहतर समन्वय के लिए एक विस्तृत व्यवस्था की है। 500 लाइनमैनों को 10-10 सदस्यों की टीमों में बांटा गया है, जिसका नेतृत्व एक जूनियर इंजीनियर (JE) या असिस्टेंट इंजीनियर (AE) करेगा। वहीं, प्रत्येक बिजली आपूर्ति कंपनी (ESCOM) की ओर से एक सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (SPOC) नियुक्त किया गया है, जो आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। इसके अलावा, हर ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस सर्किल से एक कार्यपालक अभियंता (EE) पूरी तैनाती की निगरानी करेगा।
ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज ने कहा कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के साथ मिलकर आधुनिक उपकरणों की मदद से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करेगा। कर्नाटक सरकार ने इन कर्मियों की यात्रा, आवास और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए आवश्यक फंड भी मुहैया कराया है। सरकार का कहना है कि यह सहायता 'पड़ोसी पहले' की भावना के तहत उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इनपुट: IANS



