राहुल-प्रियंका को हिरासत में लिए जाने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने की दिल्ली पुलिस की निंदा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और 'इंडिया' गठबंधन के अन्य नेताओं को…
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और 'इंडिया' गठबंधन के अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बुधवार को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान नेताओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर दोनों नेताओं ने आपत्ति जताई।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को घसीटना और हिरासत में लेना निंदनीय है। उन्होंने कहा, "सच हमारे साथ है। आप हमारा हौसला नहीं तोड़ सकते।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये नेता केवल चुनावी प्रक्रिया पर सवाल पूछने और जवाबदेही तय करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे थे।
महिला नेताओं से बर्ताव पर चिंता
डीके शिवकुमार ने विशेष रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य महिला नेताओं के साथ हुए बर्ताव को "बेहद परेशान करने वाला" बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के कारण निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ कभी भी बल का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब पारदर्शिता से दिया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग से। उन्होंने कहा, "असहमति को दबाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता।"
सिद्धारमैया ने भी की आलोचना
वहीं, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिद्धारमैया ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने इसे "शर्मनाक बदसलूकी" करार देते हुए कहा, "जिस तरह से पुलिस ने प्रियंका गांधी को घसीटा और उनके साथ बदसलूकी की, वह बेहद परेशान करने वाला है।" उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, इसलिए इसकी राजनीतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।
सिद्धारमैया ने कहा कि विपक्षी नेता लगातार दो दिनों से चुनाव आयोग से मतदाता सूची में गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सवालों के लिए पारदर्शिता और जवाब की ज़रूरत है, न कि बैरिकेड्स और हिरासत की। उन्होंने चुनाव आयोग से इन चिंताओं पर बात कर जनता का भरोसा बहाल करने की मांग की।
इनपुट: IANS



