गन्ना किसानों की मांगों पर केंद्र का एक्शन, समाधान के लिए रमेश चंद की अध्यक्षता में समिति गठित
केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों, विशेषकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों की मांगों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम के लिए कर्नाटक भाजपा…
केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों, विशेषकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों की मांगों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम के लिए कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
यह समिति नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य गन्ना किसानों की समस्याओं का एक व्यापक और स्थायी समाधान खोजना है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि नई दिल्ली में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के महज दो दिनों के भीतर इस समिति का गठन कर दिया गया, जो किसानों की चिंताओं को दूर करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
समिति के कार्य और उद्देश्य
बी.वाई. विजयेंद्र के मुताबिक, यह समिति किसानों से जुड़ी कई प्रमुख चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। इनमें गन्ने की उत्पादन लागत का आकलन, न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) में वृद्धि की संभावना और तौल प्रणाली में पारदर्शिता लाना शामिल है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का विशेष रूप से धन्यवाद किया कि उन्होंने किसानों की मांगों को गंभीरता से लिया।
प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता वाली यह समिति कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों से सीधे मुलाकात करेगी ताकि उनकी समस्याओं और जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझा जा सके। यह पैनल चीनी क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं का भी गहराई से अध्ययन करेगा।
नेताओं की प्रतिक्रिया
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना और कृषि क्षेत्र का सतत विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी बीच, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राज्य सरकार से गन्ना किसानों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने और उनके हितों की रक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।
इनपुट: IANS



