कर्नाटक: तेलंगाना को पानी दिए जाने पर भाजपा का कांग्रेस सरकार पर हमला, हितों से समझौते का आरोप
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने प्रदेश के किसानों के हितों से समझौता किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विवाद नारायणपुर…
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने प्रदेश के किसानों के हितों से समझौता किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विवाद नारायणपुर जलाशय से तेलंगाना को लगभग दो टीएमसी पानी छोड़े जाने को लेकर खड़ा हुआ है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई।
विजयेंद्र ने इस कदम को अनुचित ठहराते हुए कहा कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कर्नाटक के कई हिस्से पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं और किसान व आम नागरिक परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि तेलंगाना में भी कांग्रेस की ही सरकार है? विजयेंद्र ने राज्य सरकार से इस पर तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है कि पानी छोड़ने की अनुमति किसने और किस आधार पर दी। उन्होंने कहा कि सरकार को पारदर्शिता बरतते हुए किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, खासकर तब जब कई क्षेत्रों में लोगों और पशुओं के लिए पीने के पानी का संकट है।
सरकार पर डराने-धमकाने का आरोप
जल विवाद के अलावा, भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के संबंध में फॉर्म-7 आवेदन जमा करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग के नियमों के तहत की गई एक प्रक्रिया को राजनीतिक कारणों से आपराधिक बनाया जा रहा है। विजयेंद्र ने जोर देकर कहा कि भाजपा ऐसी रणनीति से नहीं डरेगी और जनता सरकार को उसकी विफलताओं के लिए खुद ही जिम्मेदार ठहराएगी।
वित्तीय कुप्रबंधन और कल्याणकारी योजनाओं पर असर
बी.वाई. विजयेंद्र ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के लिए धन जुटाने में संघर्ष कर रही है, जिसका सीधा असर गरीब वर्गों को मिलने वाले लाभों पर पड़ रहा है। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने कई उदाहरण दिए, जिनमें बीपीएल राशन कार्ड रद्द करना, विकलांगता पेंशन व सेवानिवृत्ति लाभों में देरी, दूध उत्पादकों के लंबित प्रोत्साहन और पात्र परिवारों को घर देने में धीमी प्रगति शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) का बकाया भुगतान न करने से परिवहन व्यवस्था पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है, जिससे बस संचालन प्रभावित हो सकता है।
इनपुट: IANS



