बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: CEO दफ्तर में प्रदर्शन को लेकर बढ़ा विवाद, BJP ने CM शिवकुमार की गिरफ्तारी की मांग की

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके कैबिनेट सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने बेंगलुरु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय परिसर में…

कर्नाटक: CEO दफ्तर में प्रदर्शन को लेकर बढ़ा विवाद, BJP ने CM शिवकुमार की गिरफ्तारी की मांग की
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके कैबिनेट सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने बेंगलुरु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करने को लेकर मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, इस संबंध में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।

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भाजपा का आरोप है कि यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का सीधा उल्लंघन है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा, "मैं उस घटना पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराता हूं, जिसमें मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और पार्टी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय में प्रदर्शन किया। यह एक गंभीर घटनाक्रम है।"

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

भाजपा नेताओं ने याद दिलाया कि एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने बेंगलुरु में प्रदर्शनों के लिए फ्रीडम पार्क को निर्धारित स्थान बताया था और अन्य जगहों पर धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। आर. अशोक के मुताबिक, "मुख्यमंत्री शिवकुमार और उनके सहयोगियों ने अदालत के आदेश की अनदेखी की है। बिना अनुमति सीईओ कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।"

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आर. अशोक के साथ-साथ विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवादी नारायणस्वामी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सीएन अश्वत्थ नारायण, सांसद पीसी मोहन और एमएलसी सीटी रवि जैसे वरिष्ठ नेताओं ने किया।

चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल

भाजपा ने इस प्रदर्शन को चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप बताया। अशोक ने कहा, "इसके परिसर में राजनीतिक उद्देश्य से किए गए प्रदर्शन की अनुमति देना चुनाव आयोग के अधिकार और लोगों के विश्वास को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है।"

इसी आधार पर विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवादी नारायणस्वामी ने मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की मांग दोहराई। उन्होंने कहा, "यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है और अदालत की अवमानना के दायरे में आता है। इसी आधार पर हमारी मांग है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।"

पुलिस और अधिकारियों से पूछे गए सवाल

भाजपा ने अपने ज्ञापन में पुलिस और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूछा है कि क्या पुलिस विभाग विपक्षी दलों या आम लोगों को भी चुनाव आयोग परिसर में प्रदर्शन करने की अनुमति देगा? पार्टी ने प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े पत्र, सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था का विवरण सहित सभी संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की भी मांग की है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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