बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

DPDP कानून पर सरकार का जवाब: अश्विनी वैष्णव बोले- पत्रकारिता की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होगी

डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम 2023 को लेकर मीडिया जगत में उठी चिंताओं पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह नया…

DPDP कानून पर सरकार का जवाब: अश्विनी वैष्णव बोले- पत्रकारिता की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होगी
(फोटो: IANS)

डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम 2023 को लेकर मीडिया जगत में उठी चिंताओं पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह नया कानून पत्रकारिता की स्वतंत्रता की पूरी तरह रक्षा करता है और इसका कोई भी प्रावधान मीडिया के काम को प्रभावित नहीं करेगा।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वैष्णव का यह बयान डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) द्वारा इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद आया है। एसोसिएशन ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधियों को विशेष छूट न मिलने से समाचार जुटाने की प्रक्रिया और नागरिकों का सूचना का अधिकार प्रभावित हो सकता है।

कानून और पत्रकारिता की स्वतंत्रता

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कानून बनाते समय पत्रकारिता की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने जोर देकर कहा कि निजता से जुड़ा यह कानून पत्रकारिता की आजादी को पूरी तरह बरकरार रखता है। वैष्णव ने याद दिलाया कि इस कानून को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद तैयार किया गया है, जिसमें निजता को एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गई थी।

उन्होंने यह भी बताया कि कानून का मसौदा तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर सार्वजनिक परामर्श किया गया था, जिसमें उद्योग जगत की भी भागीदारी रही। मंत्री के अनुसार, "परामर्श की प्रक्रिया एक महीने तक चली और इसमें उद्योग जगत भी शामिल था। कानून का कोई भी प्रावधान पत्रकारिता की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं करता।"

मीडिया की चिंताओं पर सरकार का स्पष्टीकरण

अश्विनी वैष्णव ने मीडिया संगठनों द्वारा उठाए गए विशिष्ट मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि इस कानून के तहत किसी व्यक्ति पर खबर प्रकाशित करने से पहले पत्रकारों को उससे अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो पत्रकारों को अपने समाचार के स्रोत का खुलासा करने के लिए बाध्य करता हो।

गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने DNPA की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। DNPA देश के 21 प्रमुख समाचार संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। याचिका में खोजी पत्रकारिता और जनहित से जुड़ी खबरों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई थी। भारत की संसद ने अगस्त 2023 में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम पारित किया था, जो देश में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण को नियंत्रित करता है।

इनपुट: IANS

N

News4Social राजनीति डेस्क

News4Social राजनीति डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राजनीति और चुनाव से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →