जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ ईंधन का नया दौर: सरकार ने शहरी गैस वितरण नीति 2026 की घोषणा की
जम्मू-कश्मीर में घरों से लेकर उद्योगों तक स्वच्छ और किफायती ऊर्जा पहुंचाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को 'जम्मू-कश्मीर शहर गैस वितरण (CGD) नीति…
जम्मू-कश्मीर में घरों से लेकर उद्योगों तक स्वच्छ और किफायती ऊर्जा पहुंचाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को 'जम्मू-कश्मीर शहर गैस वितरण (CGD) नीति, 2026' की घोषणा की है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत यह नीति एक निवेशक-अनुकूल और समयबद्ध ढांचा प्रदान करेगी। इसके तहत राज्य के सभी 20 जिलों में पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) का विस्तार किया जाएगा, जिससे घर, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, उद्योग और परिवहन क्षेत्र लाभान्वित होंगे।
नीति के प्रमुख प्रावधान और लक्ष्य
इस नीति के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनमें सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली, CNG स्टेशनों की स्थापना को सुव्यवस्थित करना और 'राइट ऑफ वे' के लिए मानकीकृत मानदंड तय करना शामिल है। कठुआ, सांबा और पुलवामा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर गैस कनेक्टिविटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, इस कदम से सुरक्षित, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी, जिससे ईंधन की लागत घटेगी और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूती मिलेगी।
रोजगार और विकास की उम्मीदें
सरकार को उम्मीद है कि यह नीति हरित निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा करेगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा और उनके विभाग को बधाई दी। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। अपने 'एक्स' हैंडल पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिखा, "जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ ईंधन तक पहुंच बढ़ाने, औद्योगिक विकास में तेजी लाने और ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।"
राष्ट्रीय ऊर्जा ग्रिड से जुड़ाव
यह नीति पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत इस क्षेत्र को GAIL के गुरदासपुर-जम्मू नेटवर्क से जोड़ने के लिए 325 किलोमीटर लंबी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन विकसित की जानी है। यह प्रयास प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य देशभर में किफायती ऊर्जा विकल्पों का विस्तार करना है।
इनपुट: IANS



