जम्मू-कश्मीर: मेडिकल इंटर्न्स को मिली बड़ी राहत, सरकार ने दोगुना किया मासिक वजीफा
जम्मू-कश्मीर में अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे मेडिकल और डेंटल इंटर्न्स को सरकार से बड़ी राहत मिली है। प्रशासन ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न्स (विदेशी मेडिकल स्नातक सहित) का मासिक वजीफा दोगुने…
जम्मू-कश्मीर में अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे मेडिकल और डेंटल इंटर्न्स को सरकार से बड़ी राहत मिली है। प्रशासन ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न्स (विदेशी मेडिकल स्नातक सहित) का मासिक वजीफा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया।
यह फैसला मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हस्तक्षेप के बाद आया, जिन्होंने मंगलवार को संबंधित विभाग को वजीफा तत्काल बढ़ाने का निर्देश दिया था। खास बात यह है कि वजीफे की यह बढ़ी हुई दर 1 अक्टूबर, 2026 से पूर्वव्यापी रूप से लागू होगी। पहले इन इंटर्न्स को 12,300 रुपए प्रति माह मिलते थे।
हड़ताल और सरकार का आश्वासन
इंटर्न्स ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। उनका कहना था कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने वजीफा बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति का आश्वासन तो दिया था, लेकिन कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया जा रहा था। आंदोलनकारी प्रशिक्षुओं के अनुसार, 2019 से उनका वजीफा नहीं बढ़ा था, जबकि इस दौरान जीवन-यापन का खर्च कई गुना बढ़ गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आदेश जारी करने के अनुरोध के बाद इंटर्न्स ने मंगलवार शाम अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।
स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं इंटर्न्स
ये मेडिकल प्रशिक्षु जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का एक अहम हिस्सा हैं। वे आपातकालीन सेवाओं, ओपीडी और ऑपरेशन थिएटरों में सेवाएं देने के साथ-साथ अस्पतालों में भर्ती मरीजों की देखभाल भी करते हैं। उनकी मांगों का समर्थन सरकार में कार्यरत वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी किया था। मेडिकल इंटर्न वह डॉक्टर होता है जो मेडिकल स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनिवार्य रूप से वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में व्यावहारिक प्रशिक्षण लेता है, जिसके बाद ही उसे स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने का लाइसेंस मिलता है।
इनपुट: IANS



