मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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जम्मू-कश्मीर: 150 साल पुरानी 'दरबार मूव' परंपरा फिर शुरू, 2 नवंबर से जम्मू में खुलेंगे सरकारी दफ्तर

जम्मू-कश्मीर में लगभग 150 साल पुरानी 'दरबार मूव' की परंपरा एक बार फिर जीवंत हो गई है, जिसके तहत हर छह महीने पर राजधानी को श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित किया जाता है। समाचार एजेंसी IANS की…

जम्मू-कश्मीर: 150 साल पुरानी 'दरबार मूव' परंपरा फिर शुरू, 2 नवंबर से जम्मू में खुलेंगे सरकारी दफ्तर
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर में लगभग 150 साल पुरानी 'दरबार मूव' की परंपरा एक बार फिर जीवंत हो गई है, जिसके तहत हर छह महीने पर राजधानी को श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित किया जाता है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस वार्षिक प्रक्रिया की घोषणा कर दी है, जिसके तहत इस साल सर्दियों के लिए सरकारी कार्यालय जम्मू में काम करेंगे।

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सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय के वे कार्यालय जो सप्ताह में पांच दिन काम करते हैं, 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को बंद हो जाएंगे। वहीं, छह-दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को बंद होंगे। सभी कार्यालय 2 नवंबर 2026 (सोमवार) से शीतकालीन राजधानी जम्मू में अपना कामकाज शुरू कर देंगे।

कर्मचारियों और परिवहन की व्यवस्था

इस स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है। जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम (जेकेआरटीसी) को 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को कर्मचारियों के लिए पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इन बसों के टिकट 27 अक्टूबर से ही मिलने शुरू हो जाएंगे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, हर काफिले के साथ एक क्रेन, दो खाली बसें और एक मोबाइल वर्कशॉप भी रहेगी। जम्मू-कश्मीर पुलिस इन काफिलों को सुरक्षा मुहैया कराएगी और बनिहाल-काजीगुंड सुरंग तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग पर उन्हें प्राथमिकता से गुजरने में मदद करेगी।

वित्तीय और प्रशासनिक निर्देश

आदेश में कहा गया है कि दरबार मूव के तहत स्थानांतरित होने वाले हर कर्मचारी को 25,000 रुपये का विशेष यात्रा भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा, इन सभी कर्मचारियों को अक्टूबर 2026 का वेतन 29 अक्टूबर को ही जारी कर दिया जाएगा। साथ ही, श्रीनगर में कामकाज जारी रखने के लिए एक शीतकालीन सचिवालय भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक विभाग के एक राजपत्रित और चार अराजपत्रित कर्मचारी मौजूद रहेंगे।

परंपरा की बहाली और पृष्ठभूमि

महाराजाओं के समय से चली आ रही यह परंपरा जम्मू-कश्मीर रियासत का हिस्सा रही है। हालांकि, 2019 में उपराज्यपाल ने इसे बंद कर दिया था। 2024 में सत्ता में आई मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए इसे फिर से बहाल कर दिया है। जम्मू में कार्यालय खुलने के बाद सिविल सचिवालय का समय सुबह 9:30 से शाम 5:30 बजे तक होगा, जबकि परिसर के बाहर स्थित कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक काम करेंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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