जम्मू-कश्मीर: नौकरी के नाम पर 25 लाख की ठगी, शिकायतकर्ता ही निकला आरोपी, चार्जशीट दाखिल
जम्मू-कश्मीर में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले एक रैकेट का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस की अपराध शाखा ने दो आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर…
जम्मू-कश्मीर में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले एक रैकेट का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस की अपराध शाखा ने दो आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मामले की जांच में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने वाला व्यक्ति ही गिरोह का हिस्सा निकला।
पुलिस ने अनंतनाग निवासी पीरजादा अब्दुल हमीद और पुंछ के रहने वाले मुनीर हुसैन के खिलाफ जम्मू के सब-जज की अदालत में आरोप पत्र पेश किया है। इन दोनों पर रणबीर दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ही निकला सह-आरोपी
इस मामले की शुरुआत अदालत के एक निर्देश के बाद हुई थी, जब मुनीर हुसैन ने पीरजादा अब्दुल हमीद के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ठगने की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, जब अपराध शाखा के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने इंस्पेक्टर मीनू शर्मा के नेतृत्व में जांच शुरू की, तो कहानी पूरी तरह पलट गई।
जांच में यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता मुनीर हुसैन खुद इस साजिश में शामिल था। उसने कथित तौर पर पीरजादा अब्दुल हमीद के साथ मिलकर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया, उनसे पैसे वसूले और बाद में खुद को बचाने के लिए झूठी शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस जांच के अनुसार, दोनों ने मिलकर कई युवाओं से करीब 25 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
अपराध शाखा का कहना है कि गवाहों के बयानों और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों की संलिप्तता साबित हुई है, जिसके बाद उनके खिलाफ न्यायिक कार्यवाही के लिए चार्जशीट दाखिल की गई।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फैसल कुरैशी ने आम लोगों से ऐसे नौकरी घोटालों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह इसकी सूचना प्रकोष्ठ को दे सकता है। पीड़ित ईमेल के जरिए या फोन नंबर 0191-2578901 पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रकोष्ठ विशेष रूप से बड़े आर्थिक अपराधों की जांच करता है।
इनपुट: IANS



