गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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हकीम जेफ्रीज ने अमेरिकी स्पीकर पद के लिए पेश की दावेदारी, पहले अश्वेत अध्यक्ष बनकर रच सकते हैं इतिहास

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने अगले स्पीकर पद के लिए औपचारिक रूप से अपनी दावेदारी पेश कर दी है। अगर वह चुने जाते हैं तो इस पद पर पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति…

हकीम जेफ्रीज ने अमेरिकी स्पीकर पद के लिए पेश की दावेदारी, पहले अश्वेत अध्यक्ष बनकर रच सकते हैं इतिहास
(फोटो: IANS)

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने अगले स्पीकर पद के लिए औपचारिक रूप से अपनी दावेदारी पेश कर दी है। अगर वह चुने जाते हैं तो इस पद पर पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति बनकर अमेरिकी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देंगे। डेमोक्रेट्स द्वारा कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल करने के ठीक एक दिन बाद, जेफ्रीज ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जेफ्रीज ने बुधवार को 120वीं कांग्रेस के सदस्यों को एक पत्र लिखकर प्रतिनिधि सभा के 57वें स्पीकर के रूप में सेवा देने के लिए विनम्रतापूर्वक समर्थन मांगा। न्यूयॉर्क के इस डेमोक्रेट नेता ने अपने पत्र में लिखा, "हमें अब वह बड़ा बदलाव लाना होगा जिसकी अमेरिकी जनता भारी संख्या में मांग कर रही है।"

प्रमुख वादे और प्राथमिकताएं

जेफ्रीज ने अपनी पार्टी के लिए तीन प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया: आम लोगों को महंगाई से राहत दिलाना, सत्ता में बैठे लोगों की जवाबदेही तय करना, और अमेरिकी मूल्यों की रक्षा करना। व्यापार के मुद्दे पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को खत्म करने का वादा किया है। उन्होंने बढ़ती लागत के लिए "ट्रंप के टैरिफ और ईरान में युद्ध जैसी जीओपी (रिपब्लिकन पार्टी) की हानिकारक नीतियों" को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले 100 दिनों के भीतर डेमोक्रेट्स को मेडिकेड में की गई कटौती को पलटने, स्नैप फंडिंग बहाल करने और 'अफोर्डेबल केयर एक्ट' के तहत टैक्स क्रेडिट बढ़ाने जैसे कदम उठाने होंगे। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अब कांग्रेस "नियंत्रण से बाहर हो चुकी कार्यकारी शाखा पर एक 'चेक एंड बैलेंस' (नियंत्रण और संतुलन) के रूप में अपनी भूमिका निभाएगी।"

आप्रवासन और भारत पर प्रभाव

आप्रवासन पर जेफ्रीज ने कहा कि डेमोक्रेट्स ने ट्रंप की "लोगों को बड़े पैमाने पर और जबरन देश से बाहर निकालने की मशीन के लिए करदाताओं का पैसा देने से इनकार कर दिया है।" उनका मानना है कि आप्रवासन कानूनों का पालन निष्पक्ष और मानवीय तरीके से होना चाहिए। हालांकि, उनके पत्र में भारत, एच-1बी वीजा या कानूनी आप्रवासन का कोई सीधा उल्लेख नहीं था।

इसके बावजूद, टैरिफ खत्म करने का उनका वादा भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि इससे भारतीय निर्यात प्रभावित होता है। इसके अलावा, आव्रजन संबंधी विधेयकों पर डेमोक्रेटिक नियंत्रण का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ सकता है, जो एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े उपयोगकर्ता हैं। भारतीय-अमेरिकी समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी रहेंगी कि उच्च-कुशल आव्रजन से जुड़े विधेयकों पर क्या निर्णय लिए जाते हैं।

इनपुट: IANS

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