मंगलवार, 29 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सेमीकंडक्टर से सुरक्षा तक, भारत में क्यों बढ़ रही जापानी कंपनियों की दिलचस्पी: एस. जयशंकर ने बताया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि जापानी कंपनियां भारत में सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के अहम क्षेत्रों में कारोबार स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। न्यूयॉर्क में…

सेमीकंडक्टर से सुरक्षा तक, भारत में क्यों बढ़ रही जापानी कंपनियों की दिलचस्पी: एस. जयशंकर ने बताया
(फोटो: IANS)

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि जापानी कंपनियां भारत में सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के अहम क्षेत्रों में कारोबार स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि यह रुझान ऐसे समय में दिख रहा है, जब दोनों देश निवेश और सुरक्षा के मोर्चे पर अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-जापान आर्थिक संबंधों का आधार व्यापार से कहीं ज़्यादा निवेश है।

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उन्होंने समझाया कि जापानी कंपनियां अब अपनी सप्लाई चेन को विविध बनाने के फायदों को समझ रही हैं, यानी वे उत्पादन के लिए किसी एक ही देश पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। यही सोच दोनों देशों के बीच निवेश आधारित रिश्तों को बढ़ावा दे रही है। विदेश मंत्री के अनुसार, जापानी फर्में सिर्फ़ निवेश ही नहीं कर रहीं, बल्कि वे भारतीय प्रतिभा का उपयोग करने और स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने के अवसर भी तलाश रही हैं। उन्होंने कहा, "मैं देख सकता हूं कि जापानी कंपनियां वास्तव में भारत में अपना कारोबार स्थापित कर रही हैं।"

रक्षा और सुरक्षा में भी बढ़ती साझेदारी

आर्थिक संबंधों के अलावा, एस. जयशंकर ने भारत और जापान के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश समुद्री ताकतें हैं और हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में दोनों के साझा हित हैं। उनके मुताबिक, भारत में दशकों से सभी राजनीतिक दलों के बीच जापान को लेकर एक सकारात्मक दृष्टिकोण रहा है, जिसने सुरक्षा सहयोग के लिए एक मजबूत नींव तैयार की है।

जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास और अन्य संयुक्त गतिविधियां बढ़ रही हैं। उन्होंने भारत में हुए जापानी वायुसेना के एक अभ्यास का भी जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि क्वाड (Quad) जैसा मंच दोनों देशों को आपसी सहयोग बढ़ाने का एक व्यवस्थित ढांचा प्रदान करता है। भारत और जापान के अलावा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका भी क्वाड के सदस्य हैं।

लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर ज़ोर

विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत-जापान संबंध केवल सरकारों और कंपनियों तक ही सीमित नहीं हैं। भारत चाहता है कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और बढ़े। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जापान में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या कम है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है। इसके साथ ही भारत में जापानी भाषा सीखने की मांग भी बढ़ रही है, जो आपसी रिश्तों को और गहरा करेगी।

इनपुट: IANS

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